बस्ती। जिला महिला अस्पताल में तैनात चार गार्ड को हटा दिया गया है। बताया गया कि यह कार्रवाई कूटरचित दस्तावेज के जरिये गार्ड की नौकरी हथियाने के मामले में सैनिक कल्याण बोर्ड की ओर से की गई है। पद से हटने के बाद अब गार्ड सीएमएस कार्यालय में चक्कर लगा रहे।
विभाग के अनुसार तीन गार्ड के अभिलेख सत्यापन में कूटरचित मिलने और एक गार्ड की ओर से वरिष्ठ अधिकारी से अभद्रता करने पर कार्रवाई हुई थी। वहीं हटाए गए गार्ड शुक्रवार को सीएमएस से मिलने आए थे। उन्हें हटाने का वह कारण पूछ रहे थे। वहीं सीएमएस का कहना है कि उनके स्तर से कोई न पत्राचार किया गया था न ही कोई शिकायत की गई थी। सैनिक कल्याण बोर्ड ने स्वत: संज्ञान लेकर यह कार्रवाई किया है।
अभिलेखों के सत्यापन में कूटरचित कागजात मिले थे, जिसके चलते गार्ड को बोर्ड ने ही हटा दिया था। बताया कि महिला अस्पताल को कुल 14 गार्ड मिले थे। अस्पताल की सुरक्षा भी पुख्ता हुई थी। चार गार्ड को हटा दिया गया। जिसके बदले में दो गार्ड अस्पताल में आए थे। अभी वर्तमान में 11 गार्ड सेवा दे रहे हैं। बताया गया कि फर्जी अभिलेख के जरिये तीन गार्ड ने नौकरी हथिया ली थी, वहीं एक गार्ड गोरखपुर स्थित सैनिक कल्याण बोर्ड निगम में एक वरिष्ठ अधिकारी से अभद्रता किए जिसके क्रम में उसे भी हटा दिया गया था।
वहीं, एक महिला गार्ड का भी मामला संदिग्ध है। हाल ही में प्रसूती अवकाश पर जाने को लेकर चर्चा में है। बताया गया कि उसने निजी अनुरोध पर जिला महिला अस्पताल से गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में ट्रांसफर करवा लिया है। महिला गार्ड की संख्या बढ़ाने के लिए अब सीएमएस ने तीन महिला गार्ड की तैनाती के लिए बोर्ड को पत्राचार किया है। सिक्योरिटी इंचार्ज पवन गुप्ता का कहना है कि तैनाती के दौरान अस्पताल में काफी बदलाव आया है। बाहरी और कथित व्यक्ति की निगरानी की जा रही। 11 गार्ड अपनी ड्यूटी नियमित कर रहे।