बस्ती। श्रावन मास आज से शुरू होगा, कांवड़ यात्रा और शिव मंदिरों में उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। कांवड़ मार्ग की मरम्मत, सुरक्षा, सफाई, बैरिकेडिंग, विश्राम स्थलों और यातायात व्यवस्था को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
पीडब्ल्यूडी और एनएचएआई ने अयोध्या से भद्रेश्वरनाथ धाम तक चिह्नित 500 से अधिक गड्ढों को भरने का काम शुरू कर दिया है। भद्रेश्वरनाथ, तिलकपुर, देवरिया, भारीनाथ, महादेवा, बरवाधाम, बेहिलनाथ और कड़र मंदिर समेत प्रमुख शिवालयों पर सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं।
प्रशासन का अनुमान है कि सावन भर प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु जलाभिषेक करेंगे, जबकि शिवरात्रि पर जिले और आसपास के क्षेत्रों से करीब 10 लाख श्रद्धालुओं के भद्रेश्वरनाथ धाम पहुंचने की संभावना है। भीड़ को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल की मांग की गई है।
संबंधित थानों के अलावा रिजर्व पुलिस लाइंस और जरूरत पड़ने पर अन्य जनपदों से भी पुलिस बल तैनात किया जाएगा। डीआईजी संजीव त्यागी ने बताया कि सावन के दौरान सभी प्रमुख शिव मंदिरों पर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था रहेगी। कांवड़ संघों के पदाधिकारियों के साथ थानावार बैठकें कर यात्रा मार्ग, यातायात और डीजे की निर्धारित ध्वनि सीमा के पालन को लेकर भी सहमति बनाई जा रही है।
हर किलोमीटर पर रहेगी सीसीटीवी की नजर : वर्ष 2016 में कप्तानगंज क्षेत्र में कांवड़ यात्रा के दौरान हुई घटना से सबक लेते हुए इस बार प्रशासन कोई जोखिम नहीं लेना चाहता। अयोध्या से भद्रेश्वरनाथ धाम तक प्रत्येक किलोमीटर पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं। इसके अलावा मंदिर परिसर, प्रमुख चौराहों, अमहट विश्राम स्थल, जेल गेट सहित संवेदनशील स्थानों पर भी अतिरिक्त कैमरे लगाए जाएंगे। प्रशासन का दावा है कि पूरे कांवड़ मार्ग की लगातार निगरानी की जाएगी।
मेले और यातायात व्यवस्था का खाका तैयार : डीएम कृत्तिका ज्योत्सना ने बताया कि मंदिरों के आसपास लगने वाले मेलों और सुरक्षा व्यवस्था की विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर ली गई है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बैरिकेडिंग, अलग-अलग वाहन पार्किंग, सफाई व्यवस्था और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। स्काउट-गाइड और स्वयंसेवकों की भी ड्यूटी लगाई गई है। बस्ती-अयोध्या फोरलेन पर डायवर्जन योजना भी तैयार है।