उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनावों की सरगर्मी के बीच बीच अमर उजाला की टीम 'सत्ता का संग्राम' अभियान के तहत बस्ती जिले की महादेवा विधानसभा क्षेत्र पहुंची। इस दौरान टीम ने किसानों, युवाओं और स्थानीय निवासियों से आगामी चुनावों के मुद्दों और क्षेत्र के विकास पर बातचीत की। वर्तमान में यहां अपना सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी से दूधराम विधायक हैं।
महादेवा विधानसभा के ग्रामीणों के क्या मुद्दे
स्थानीय निवासियों ने योगी सरकार के कार्यकाल में महादेवा विधानसभा क्षेत्र में हुए विकास कार्यों की सराहना की। एक निवासी के अनुसार, सड़क, पानी, बिजली और न्याय व्यवस्था में सुधार हुआ है। विधायक द्वारा क्षेत्र के गांवों में लोगों के बीच जाकर संपर्क बनाए रखने और गांवों में सड़क पर आरसीसी व इंटरलॉकिंग का काम कराने की भी प्रशंसा की गई।
विधायक के काम से व्यापारी कितने संतुष्ट?
महादेवा के व्यापारियों ने पिछले पांच वर्षों में क्षेत्र में हुए विकास कार्यों पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि पहले रास्तों की स्थिति खराब थी, जिससे आवागमन में दिक्कत होती थी। विधायक के प्रयासों से बिजली व्यवस्था बेहतर हुई है और गांवों में नाली, सड़कें, इंटरलॉकिंग व पुलिया का निर्माण हुआ है। व्यापारियों का मानना है कि विधायक दूधराम ने अपने कार्यकाल में पहले के विधायकों की तुलना में अधिक कार्य किया है।
महिला सुरक्षा पर कितनी खरी सरकार?
महिला सुरक्षा के मुद्दे पर महिलाओं ने पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित महसूस करने की बात कही। हालांकि, एक महिला ने सरकार से सोशल मीडिया पर नजर रखने की आवश्यकता पर जोर दिया, उनका मानना है कि सोशल मीडिया पर अश्लीलता के कारण युवा भटक रहे हैं। छात्राओं ने भी कॉलेज से घर आते या बाहर जाते समय अधिक सुरक्षित महसूस करने का उल्लेख किया।
महादेवा की महिलाएं कितनी हुईं सशक्त?
समूह से जुड़ी महिलाओं ने बताया कि सरकार की सभी योजनाएं उन तक पहुंच रही हैं और समूह में काम करने से वे आत्मनिर्भर बन रही हैं। उन्होंने कहा कि योजनाओं से उन्हें अपनी एक नई पहचान मिली है और वे आगे बढ़ रही हैं। महिलाओं की मुख्य मांग मानदेय बढ़ाने की है, जबकि सड़क, पानी, बिजली और सुरक्षा के मामले में सरकार के काम से वे संतुष्ट हैं।
महादेवा के विकास पर क्या बोले किसान?
किसानों ने खराब मौसम के कारण फसलों को हुए नुकसान की बात कही, जिसमें धान और गन्ने की फसलें प्रभावित हुईं। उन्होंने बताया कि सम्मान निधि जैसी सरकारी योजनाएं किसानों तक पहुंच रही हैं और खाद-बीज भी उपलब्ध हो रहे हैं। किसानों ने यह भी उल्लेख किया कि विधायक लोगों के बीच जाकर मिलते हैं।