कई बैराज से छोड़ा गया सरयू में पानी, बाढ़ की आशंका
तटबंधों पर बढ़ने लगा नदी का दबाव, दहशत में ग्रामीण
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। सरयू नदी का जलस्तर हर घंटे बढ़ रहा है। एक घंटे में एक सेंटीमीटर नदी बढ़ रही है। बारिश के अलावा विभिन्न बैराजों से पानी नदी में छोड़ा जा रहा है। 25 घंटे में 258829 क्यूसेक पानी सरयू नदी में छोड़ा गया है। केंद्रीय जल आयोग अयोध्या के अनुसार बृहस्पतिवार की शाम चार बजे नदी का जलस्तर 91.610 मीटर पर दर्ज किया गया। यह खतरे के निशान 91.73 मीटर से महज 12 सेंटीमीटर नीचे है। खतरे का निशान 92.730, मीटर पर है।
नदी में गिरिजा बैराज से 115127, क्यूसेक, शारदा बैराज से 142466 और सरयू बैराज से 1236, क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। जलस्तर बढ़ने से तटबंधों पर दबाव बढ़ गया है। निकटवर्ती गांवों के लोग दहशत में आ गए हैं। दुबौलिया क्षेत्र के कटरिया-चांदपुर तटबंध पर खजांचीपुर गांव से लेकर खलवा गांव तक करीब एक किलोमीटर तक नदी तटबंध से सटकर बह रही है। इससे बंधे पर दबाव बना हुआ है।
इसी तटबंध के कटरिया गांव के सामने ठोकर नंबर एक पर भी नदी का दबाव है। यहां बाढ़ खंड लगातार मरम्मत कार्य में जुटा है। गौरा-सैफाबाद तटबंध पर टकटकवा से लेकर दलपतपुर तक करीब 500 मीटर तक नदी का दबाव बरकरार है। इसी तटबंध के मोजपुर गांव के सामने ठोकर का निर्माण कार्य अभी तक पूरा नहीं हुआ। जलस्तर बढने से नदी व तटबंध के बीच बसे आधा दर्जन गांव के लोग बाढ की आशंका से सहम गए है। नदी वा तटबंध के बीच बसे सुविखा बाबू, विशुनदासपुर की अनुसूचित बस्ती, टेढवा, भुवरिया, सतहा, देवारागंगबरार आदि गांवों में दहशत फैल गई है। ग्रामीण चिंतित हैं कि कहीं रात में नदी ऊफान पर आकर तबाही न मचा दे। गौरा-सैफाबाद तटबंध के अवर अभियंता विजय प्रकाश ने बताया कि जलस्तर बढ रहा है। तटबंध पर हालत सामान्य है। लगातार निगरानी की जा रही है।