दिलाशपुर गांव के पास कटान करती सरयू नदी।
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विक्रमजोत/दुबौलिया(बस्ती)। सरयू नदी का जलस्तर फिर बढ़ने लगा है। बिना तटबंध वाले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। तटवर्ती गांवों के ग्रामीण खासे परेशान हैं। केंद्रीय जल आयोग अयोध्या ने बताया कि मंगलवार को दिन में करीब दो बजे से नदी का जलस्तर बढ़ने लगा। नदी खतरे के निशान 92.73 मीटर से बढ़कर 92.89 मीटर पर पहुंच गई है।
बाढ़ प्रभावित गांव कल्याणपुर, सहजौरा, संदलपुर में नदी का रौद्र रूप धारण कर लिया है। यहां कटान बहुत तेज हो रही है। बाढ़ खंड की ओर से लगाई गई कटान रोधी बोरियां व बांस नदी में समा रहे हैं। पूर्व प्रधान शैलेंद्र सिंह, संतू सिंह व रविंद्र सिंह उच्चाधिकारियों से कटान रोकने की गुहार लगा रहे हैं। गांव के जीतू, अजय, राजकुमार, शिवम, विपिन आदि ने बताया कि प्रशासन व बाढ़ खंड केवल तटबंधों की निगरानी करा रहा है। कटान रोकने के लिए कोई उपाय नहीं किया जा रहा है। मैरुंड रहे कल्यानपुर, भरथापुर से बाढ़ का पानी निकल चुका है। गांव से पानी उतरने के बाद कीटनाशक आदि का छिड़काव नहीं कराया गया। हर्रैया तहसीलदार चंद्रभूषण प्रताप ने बताया कि बाढ़ प्रभावित गांव भरथापुर, बाघानाला, रानीपुर कठवनिया, संदलपुर और कल्याणपुर के बाढ़ प्रभावित परिवारों में राशन वितरण कराया जाएगा। पीड़ितों की सूची लेखपाल व ग्राम सचिव से मांगी गई है।
दुबौलिया प्रतिनिधि के अनुुसार सरयू नदी का जलस्तर बढ़ने से टरिया-चांदपुर तटबंध पर बने ठोकर नंबर एक पर पानी का दबाव बना हुआ है। बाढ़ खंड क्षतिग्रस्त हिस्से पर मरम्मत कार्य करा रहा है। जलस्तर दोबारा बढ़ने से मैरुंड गांव सूविखा बाबू, टेढ़वा, देवरागंगबरार, अराजीडूही धरमूपुर, एहतमाली के लोगों की परेशानियां बढ़ने लगी हैं। विशुनदासपुर का पुरवा, खंजान्चीपुर, दिलाशपुर का भरपुरवा गांव पर बाढ़ का संकट मंडराने लगा है। अतिसंवेदनशील तटबंध कटरिया-चांदपुर व गौरा-सैफाबाद के पारा-मटिहा गांव के ठोकरों पानी का दबाव बढ़ रहा है। माझा-देवारागंगबरार की सोती व दिलाशपुर गांव के पास खेती की जमीनों पर कटान तेज हो रही है। अवर अभियंता स्वप्निल श्रीवास्तव ने बताया की नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। तटबंध की निगरानी कराई जा रही है। खतरे की कोई आशंका नहीं है।