बस्ती। सरयू नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। तीन दिन में नदी के जलस्तर में एक मीटर से अधिक का उछाल हुआ है। नदी अब चेतावनी बिंदु 91.73 मीटर के करीब पहुंच गई है। केंद्रीय जल आयोग अयोध्या के अनुसार मंगलवार को नदी का जलस्तर 91.270 मीटर रिकाॅर्ड हुआ है। वहीं, खतरा बिंदु 92.73 मीटर से नदी का अंतराल महज एक मीटर रह गया है। जलस्तर बढ़ने से समीपवर्ती गांवों में दहशत का माहौल है।
सरयू नदी दुबौलिया ब्लाक के एक दर्जन अतिसंवेदनशील गांवों के निकट से होकर बहने लगी है। वहीं कटरिया-चांदपुर तटबंध पर खजांचीपुर गांव से लेकर चांदपुर गांव नदी तटबंध से सटकर बह रही है। जिससे तटबंध पर दबाव पड़ने लगा है। इस क्षेत्र की बाढ़ चौकी खलवा चांदपुर सक्रिय कर दी गई है। यहां चौबीस घंटे बाढ़खंड के कर्मचारी सीसीटीवी के जरिये नदी की निगरानी में लगे हैं। वहीं, सुबिका बाबू, टेढ़वा, विशुनदासपुर की अनुसूचित बस्ती, भुवरिया आदि गांवों के नदी से घिरने की आशंका बढ़ गई है।
इधर, लगातार बारिश ने समस्या और बढ़ा दी है। इन गांवों में जाने के लिए कच्चे रास्ते पानी में डूबने लगे हैं। जिससे आवागमन बाधित हो रहा है। वहीं तटबंध पर रेनकट बढ़ना शुरू हो गए हैं। खजांचीपुर गांव, विशुनदासपुर के पास रेनकट देखे गए। बाढ़खंड की टीम ने कुछ जगहों पर रेनकट भरवा भी दिया है।
गौरा-सैफाबाद तटबंध पर भी नदी का दबाव बढ़ने लगा है। टकटकवा से लेकर दलपतपुर गांव लगभग 500 मीटर तक नदी तटबंध से सटकर बह रही है। इस तटबंध पर भी जगह-जगह रेनकट बरकरार है। बाढ़खंड इस तटबंध के मरम्मत का कार्य अभी तक पूरा नहीं कर सका है। मोजपुर गांव के निकट ठोकर निर्माण का कार्य पूर्ण न होने से ग्रामीण दहशत में है। यहां पिछले साल बाढ़ के दौरान नदी ने तबाही मचाई थी।
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विक्रमजोत ब्लाॅक के तटवर्ती गांवों में स्थिति गंभीर
सरयू नदी का जलस्तर बढ़ने से विक्रमजोत ब्लाक के तटवर्ती गांवों की स्थिति और विकट होती जा रही है। यहां कुछ हिस्सों में तटबंध का निर्माण नहीं हुआ है। जिससे कटान की आशंका बढ़ती जा रही है। पिछले साल सरयू नदी ने संदलपुर, कल्यानपुर, सैन्य पड़ाव आदि जगहों पर भीषण कटान कर जमीन को निगल लिया है। संदलपुर गांव पूरी तरह असुरक्षित है। यहां प्रस्तावित एक स्पर का निर्माण कार्य अभी तक पूर्ण नहीं हुआ है। भरथापुर,कल्यानपुर, पड़ाव, छतौना माझा, लकड़ी पांडेय समेत एक दर्जन गांव तटबंधविहीन है। जिससे इन गांवों में खतरा और बढ़ गया है।
नदी फिलहाल स्थिर है। संवेदनशील जगहों पर बाढ़ चौकिया सक्रिय कर दी गई हैं। लगातार निगरानी की जा रही है। तटबंधों का मरम्मत एवं स्परों, ठोकरों का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। सभी कार्य लगभग पूर्ण होने के कगार पर हैं। -दिनेश कुमार, एक्सईएन, बाढ़खंड।