फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Basti News: लगातार बढ़ रही सरयू, लाल निशान से 30 सेंटीमीटर ऊपर पहुंचा जलस्तर

विज्ञापन
दुबौलिया क्षेत्र में बाढ़ पीड़ित राहत सामाग्री लेकर जाते।
विज्ञापन
नदी और तटबंध के बीच बसे पांच गांव हुए जलमग्न, ग्रामीणों में बढ़ी दहशत, कुछ गांवों के बाढ़ पीड़ित तटंबधों पर बना रहे अस्थायी ठिकाना, हलचल बढ़ी
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। सरयू नदी का जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। शुक्रवार को केंद्रीय जल आयोग अयोध्या के अनुसार नदी खतरे के निशान 92.73 मीटर से 30 सेंटीमीटर ऊपर उठकर 93.030 मीटर पर प्रवाहित हो रही थी। दुबौलिया विकास क्षेत्र के नदी और तटबंध के बीच बसे पांच गांव पूरी तरह बाढ़ की जद में आ गए हैं। जलमग्न हो चुके इन गांवों का आवागमन बंद है। नाव के सहारे ग्रामीणों को आना-जाना पड़ रहा है। कुछ घरों में भी नदी का पानी घुस गया है। यहीं हाल रहा तो अगले एक से दो दिन में इन गांवों के नागरिकों का पलायन शुरू हो जाएगा। दुबौलिया प्रतिनिधि के अनुसार सरयू नदी के लगातार बढ़ रहे जलस्तर के चलते पांच गांव जलमग्न हो गए हैं। इसमें सुबिका बाबू, आंशिक टेढवा, विशुनदासपुर की अनुसूचित बस्ती, कुर्मियाना, देवरागंगबरार का एक पुरवा चौतरफा पानी से घिर गया है। यहां तबाही का दौर शुरू हो गया है। सबसे खराब स्थिति मवेशियों का हो गया है। पानी में ही उन्हें रहना पड़ रहा है। पशु चारे का संकट भी गहरा गया है। एक दर्जन से अधिक गांवों की फसलें डूबकर बर्बाद हो रही है। अपनी आंखों के सामने फसलों की बर्बादी देख किसान निराश है। जलमग्न गांवों के लोग रोजमर्रा के सामान जुटाने के लिए नाव का सहारा ले रहे हैं।
-
तटबंध पर आ गए कई परिवार
विशुनदासपुर अनुसूचित बस्ती के लोग तटबंध पर आकर शरण लेना शुरू कर दिए हैं। यहां पन्नी और तिरपाल तानकर लोग परिवार और मवेशियों के साथ रहने लगे हैं। सुबिका बाबू गांव के लोग डेढ़ किलोमीटर तक नाव पर चलकर तटबंध पहुंच रहे हैं। यहां के लोग पूरी तरीके से घरों में कैद हो गए हैं। गांव की नीलम देवी अपने दो माह के बच्चे को नाव से तटबंध पर पंहुची। बताया कि बच्चा बुखार से पीड़ित था। तटबंध पर मौजूद स्वास्थ्य टीम से कुछ दवा लिए। वहीं मिथुन गेंहू पिसाने के लिए लेकर आए थे। इसके अलावा अशोकपुर ग्राम पंचायत के कुछ पुरवे, बरदियालोहार ग्राम पंचायत के श्रीराम पुरवा, भुवरिया, अखनपुर, बानेपुर, पूरेमोतीराम, सरवरपुर, रंजीत नगर, टकटकवा, मोजपुर आदि गांवों की तरफ नदी का पानी तेजी से फैल रहा है। माझा क्षेत्र में पशु चारे का संकट खड़ा हो गया है।
विज्ञापन

-
तटबंध पर बढ़ा दबाव
कटरिया चांदपुर- तटबंध पर कटरिया से लेकर खलवा गांव तक नदी का दबाव तेज हो गया है। इस तटबंध के ठोकर नंबर एक भी तेज दबाव बरकरार है। यहां बाढ़ खंड निगरानी कर रहा है। गौरा-सैफाबाद तटबंध पर टकटकवा से लेकर दलपतपुर गांव तक दबाव बना हुआ है।

बैराजों से छोड़ा गया पानी
शुक्रवार को गिरिजा बैराज से 159570, शारदा बैराज से 146172 एवं सरयू बैराज से 176 क्यूसेक पानी नदी में छोड़ा गया है। जिससे नदी के जलस्तर में उछाल आया है। इधर बारिश भी लगातार हो रही है। इस वजह से भी तटवर्ती गांवों में स्थिति विकट होती जा रही है।
-

तटबंध पर मौजूद हैं स्वास्थ्य टीम

कटरिया तटबंध पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सक सहित अन्य कर्मी मुस्तैद कर दिए गए हैं। यह टीम बाढ़ प्रभावित गांवों के लोगों को जरूरत की दवाएं उपलब्ध करा रही है। सीएचसी अधीक्षक डाॅ. सुशील कुमार ने बताया कि स्वास्थ्य टीम कटरिया तटबंध वा विशुनदासपुर अनुसूचित बस्ती के तटबंध पर जरूरतमंदों में दवा वितरण कर रही है।
-
सुविका बाबू में लगाई गई एक मोटर बोट समेत 6 नाव
सुबिका बाबू के नागरिकों के आवागमन के लिए एक मोटर बोट समेत 6 नाव लगाई गई है। स्कूली बच्चे इन नावों के सहारे आ-जा रहे हैं। इन्हीं नावों के सहारे जिंदगी चल रही है। रोजमर्रा की वस्तुओं के अलावा पशु चारे की व्यवस्था नाव से की जा रही है।

बाढ़ पीड़ितों में वितरित हुई राहत सामग्री

बाढ़ के पानी से घिरे गांव सुविका बाबू, आंशिक टेढवा, विशुनदासपुर अनुसूचित बस्ती में शुक्रवार की शाम को तहसीलदार हर्रैया मोनिका वर्मा ने पीड़ितों में राहत सामग्री का वितरण किया। आलू, आटा, चावल, दाल, माचिस, तेल, लाई, चना सहित अन्य सामग्रियां पीड़ितों को उपलब्ध कराई गई। राजस्व निरीक्षक अशोक पटेल एवं रवीश सिंह ने बताया कि सुविका बाबू गांव में 90, आंशिक टेढवा में 12,विशुनदासपुर की अनुसूचित बस्ती में 40 परिवारों में राहत सामग्री वितरित की गई है। इस मौके पर प्रकाश मोहन, नीरज सिंह, नीतू सिंह, राजेंद्र राजभर, कुलदीप, धर्मेंद्र सिंह, पंकज सिंह आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन

-
विक्रमजोत के दर्जन भर गांवों में बढ़ा खतरा
विक्रमजोत। क्षेत्र के तटबंध विहीन दर्जन भर गांवों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। सरयू नदी इन गांवों से बिल्कुल सटकर बहने लगी है। कहीं कटान शुरू हुई तो कृषि योग्य जमीनों के साथ कुछ मकान भी जल धारा में विलीन हो जाएंगे। क्षेत्र के कल्यानपुर, भरथापुर, सहजौरा समेत तटबंध विहीन दर्जन भर गांवों के सिवान में नदी का पानी भर गया है। यहां भी कुछ गांव जलमग्न होने के कगार पर हैं। कल्यानपुर, भरथापुर को फूलडीह गांव से जोड़ने वाले मार्ग पर नदी का प्रवाह शुरू हो गया है। जिससे आवागमन बाधित है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें