मईपुर गांव से सटकर बहती सरयू नदी, कटान का खतरा संवाद
बस्ती। सरयू नदी के बढ़ते जलस्तर ने जिले में बाढ़ का खतरा बढ़ा दिया है। नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 11 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है। लगातार बढ़ रहे पानी से तटवर्ती गांवों में बाढ़ का पानी घुसने लगा है। वहीं, कई स्थानों पर कटान तेज होने से तटबंधों पर दबाव बढ़ गया है।
केंद्रीय जल आयोग के अयोध्या कार्यालय के अनुसार बुधवार शाम छह बजे सरयू का जलस्तर 92.84 मीटर दर्ज किया गया। खतरे का निशान 92.73 मीटर है। पिछले 24 घंटे में जलस्तर में 11 सेंटीमीटर की वृद्धि हुई है। लगातार चौथे दिन नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर बना हुआ है। जिले में सरयू की बाढ़ से करीब 150 गांव प्रभावित होते हैं। नदी का जलस्तर बढ़ने से निचले इलाकों में बसे गांवों में पानी फैलने लगा है। दुबौलिया क्षेत्र के मैरुंड, सुविका बाबू और आंशिक टेढ़वा गांव के लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। इन गांवों के लोग मोटरबोट और नाव के सहारे आवागमन कर रहे हैं। मैरुंड के स्कूली बच्चों को भी नाव से सोती पार कर स्कूल जाना पड़ रहा है।
तटबंध सुरक्षित, संवेदनशील स्थानों पर नजर : बाढ़ खंड के अधिकारियों के अनुसार तटबंधों की लगातार निगरानी की जा रही है। जहां पानी का दबाव अधिक है, वहां बचाव कार्य कराया जा रहा है। दिनेश कुमार, एक्सईएन, बाढ़ खंड, बस्ती ने बताया, सरयू का जलस्तर बढ़ रहा है। तटबंध विहीन गांवों में निगरानी बढ़ा दी गई है। कटान वाले स्थानों पर नजर रखी जा रही है।
जहां पानी का दबाव है, वहां लगातार आवश्यक कार्य कराए जा रहे हैं। बाढ़ खंड के जेई अतुल सिंह के अनुसार जलस्तर में वृद्धि के बावजूद तटबंध सुरक्षित हैं। जिन स्थानों पर कटान की संभावना दिखाई दे रही है, वहां तत्काल आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।