विक्रमजोत। सरयू नदी का जलस्तर रोजाना एक सेमी कम हो रहा है। नदी खतरे के निशान से नीचे आ गई है। लेकिन, तटवर्ती गांवों में कटान जारी है। नदी कटान करते हुए विक्रमजोत विकास क्षेत्र के आधा दर्जन गांवों से सटकर बहने लगी है। इससे ग्रामीण दहशत में आ गए हैं।
केंद्रीय जल आयोग अयोध्या के जलकर्मी बलराम ने बताया कि रविवार की शाम 5 बजे नदी का जलस्तर 92.690 मीटर पर दर्ज किया गया। यह खतरे के निशान 92.730 से चार सेमी नीचे है। बताया गया कि नदी का जलस्तर अभी स्थिर है। विक्रमजोत विकास क्षेत्र में सरयू नदी तेजी से कटान कर रही है। बाढ़ खंड व प्रशासन के बचाव कार्य भी कमतर साबित हो रहे हैं।
एलबी तटबंध के निकट रानीपुर कठवनियां व केशवपुर में नदी धीमी गति से कटान करते हुए तटबंध से सटने को आतुर है। कल्यानपुर के पास स्थिति सैन्य भूमि पड़ाव के पास बाढ़ खंड लगातार कटानरोधी कार्य में जुटा हुआ है। वहीं बीडी तटबंध के पास बसे अर्जुनपुर, पकड़ी संग्राम, नरसिंहपुर, कन्हईपुर व खेमराजपुर में भी कटान जारी है।
पकड़ी संग्राम गांव में कटान करती नदी आबादी से सट गई है। कृषि योग्य भूमि फसल सहित धारा में विलीन हो रही है। इससे किसान चिंतित हैं।
बाढ़ खंड की ओर से परक्यूपाइन और बोरे में मिट्टी भरकर नदी में डाली जा रही है। गांव के दुर्गा सिंह, झिनकाई निषाद, शशि कपूर, जोखू, रामजीत, शिव प्रताप, महेश, भगवान दीन ने बताया बाढ़ खंड द्वारा कटान रोकने के लिए रोड़े, बोरियां व अन्य समान गिराए जा रहे हैं।
कटान रोकने के लिए यहां काम भी चल रहा है। दो दिनों से कटान की गति धीमी हुई है। गांव से सट चुकी नदी अब आशियानों के लिए खतरा बन गई है। अब तक प्रशासन की ओर से प्रभावित गांवों का हाल लेने कोई नहीं पहुंचा है। इस संबंध में एसडीओ बाढ़ खंड धर्मेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि पकड़ी संग्राम सहित अति संवेदनशील जगहों पर कटान से सुरक्षा के लिए कार्य कराए जा रहे हैं। अभी कहीं कोई गंभीर समस्या नहीं है।