- दुबौलिया एवं विक्रमजोत ब्लॉक के दर्जन भर तटवर्ती गांवों में घुसने लगा बाढ़ का पानी
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। सरयू नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। बृहस्पतिवार को नदी लाल निशान को पार कर गई। दुबौलिया और विक्रमजोत ब्लॉक क्षेत्र के एक दर्जन गांवों कटान शुरू होने के साथ बाढ़ का पानी फैलने लगा है।
दुबौलिया क्षेत्र का सुबिका बाबू गांव एक बार फिर मैरूंड हो गया। आंशिक टेढ़वा भी बाढ़ के पानी से चौतरफा घिर गया है। विशुनदासपुर अनुसूचित बस्ती और भुवरिया गांव में भी बाढ़ का पानी फैलने लगा है। सुबिका बाबू के लोगों की दिन चर्या अस्त-व्यस्त हो गई है। लोगों का आवागमन नाव के सहारे हो रहा है। बाढ़ की वजह से पशुपालकों को चारे का संकट हो गया है।
लेखपाल अशोक पटेल ने बताया कि ग्रामीणों के आवागमन के लिए दो मोटर बोट नदी के रास्ते अयोध्या से मंगाए जा रहे हैं। शाम तक यह पहुंच जाएंगे। कटरिया-चांदपुर तटबंध पर खजांचीपुर गांव से लेकर खलवा गांव तक और गौरा-सैफाबाद तटबंध पर पारा गांव के सामने पांच सौ मीटर की दूरी मेंं नदी का दबाव बढ़ गया है। केंद्रीय जल आयोग अयोध्या के अनुसार, बृहस्पतिवार की शाम पांच बजे नदी का जलस्तर 92.820 मीटर पर दर्ज हुआ है। यह लाल निशान से नौ सेंटीमीटर ऊपर है। वहीं बृहस्पतिवार को विभिन्न बैराजों से कुल 368025 क्यूसेक पानी छोड़े जाने की सूचना है।
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इन गांवों में शुरू हो गई कटान, दहशत
विक्रमजोत क्षेत्र के तटवर्ती गांवों में नदी कटान करते हुए विस्तार ले रही है। जिससे ग्रामीणों में दहशत है। तटवर्ती गांव संदलपुर, छतौना माझा, भौसिया, कन्हईपुर, खेमराजपुर, लकड़ी, पकड़ी संग्रामपुर सहित दर्जन भर गांवों में कृषि योग्य भूमि कटान करके नदी में समा रही है। फसलें बर्बाद हो जा रही है। बृहस्पतिवार की रात कटान के चलते कन्हईपुर गांव की करीब पांच एकड़ कृषि योग्य भूमि देखते ही देखते नदी में समा गई। गांव के किसान सुरेंद्र सिंह, केजरीवाल, रोशन सिंह, रूप सिंह, गदनू व अन्य का कहना है कि यदि प्रशासन की ओर से कटान रोकने का कोई प्रबंध नहीं किया गया तो तबाही और मचेगी।