कटान देख फिर धरने पर बैठे टकटकवा वासी
नायब तहसीलदार ने आश्वासन देकर स्थगित कराया धराना
अमर उजाला ब्यूरो
दुबौलिया। ब्लॉक क्षेत्र के टकटकवा मजरा स्थित रिंगबांध पर पानी का दबाव कम होने का नाम ही नहीं ले रहा है। 36 घंटे से सरयू के जलस्तर में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है। शनिवार रात टकटकवा रिंगबांध स्थित हरिजन बस्ती के पास बैकरोल से भीषण कटान शुरू हो गई। रात में मजरे में चीख-पुकार मच गई।
ग्रामीणों ने बाढ़ खंड पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए बताया कि कटान का रुख देखकर विभागीय कर्मी और श्रमिक मौके से भाग गए और कटान बंद होने के बाद मौके पर दिखाई पड़े। ग्रामीण रात ही गृहस्थी का सामान समेटने लगे। हालांकि कटान थोड़ी देर बाद खुद ही शांत हो गई। रविवार सुबह करीब 10 बजे तक रिंगबांध पर मरम्मत के लिए कोई जिम्मेदार नहीं पहुंचा। नाराज ग्रामीणों ने रिंगबांध पर ही धरना शुरू कर दिया। चल रही मरम्मत कार्य को नाकाफी बताकर बंद करा दिया। करीब दो घंटे बाद हर्रैया नायब तहसीलदार निखलेश कुमार मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों को आश्वासन देकर धरना स्थगित कराया। इस मजरे के पूरब की ओर कटान करती हुई नदी गौरा-सैफाबाद तटबंध की ओर बढ़ रही है। पश्चिम में तिवारीपुर, गौरा, भनखरपुर गांव के सामने खेती की जमीन पर कटान हो रही है। केंद्रीय जल आयोग अयोध्या ने बताया कि नदी लाल निशान 91.73 मीटर से नीचे 91.59 मीटर पर बह रही है।
कल्यानपुर के पास हो रही भीषण कटान, बाढ़ खंड व प्रशासन मौन
विक्रमजोत। सरयू नदी की कटान से ग्रामीण दहशत में हैं। बाढ़ खंड व प्रशासन मूकदर्शक बना बैठा है। बाढ़ खंड एक तटबंध के छोर की निगरानी कर रहा है और दूसरे छोर पर नदी के तांडव को भगवान भरोसे छोड़ दिया है। ब्लॉक क्षेत्र के कल्यानपुर गांव स्थित सेना की जमीन पर भीषण कटान हो रही है। सेना की ओर से लगाया गया बोर्ड तक नदी में समा गया। ऐसे ही कटान होती कल्यानपुर गांव निवासी गुलजारी, शिवकुमार, अभिमन्यु का घर भी धारा की जद में आ जाएगा। नदी और इनके घरों की दूरी में 10 से 15 मीटर का फासला बचा हुआ है। प्रधान संजय ने बताया कि कटान की सूचना प्रतिदिन उच्चाधिकारियों को सूचना दी जा रही है पर कटान रोकने के लिए कोई कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।