मरम्मत किए बेस से मिट्टी भरी बोरियां उठा रहा बाढ़खंड
ग्रामीणों ने किया विरोध, लोगों ने कहा-बिना संसाधन कटान रोक रहा विभाग
20 दिनों से टकटकवा रिंगबांध पर हो रही कटान
आनंद शुक्ला
दुबौलिया। जलस्तर कम होते सरयू नदी कटान शुरू कर देती है। बुधवार को जारी बारिश बृहस्पतिवार देर रात भी बारिश के कारण टकटकवा रिंगबांध पर कटान शुरू हो गई। कटान रोकने के लिए बाढ़ खंड के हाथ खाली थे तो जिम्मेदारों द्वारा बेस में लगाई गई मिट्टी भरी बोरियों को उठाकर कटान वाली जगह लगवाए जाने लगा जिसका ग्रामीणों ने विरोध किया।
करीब 20 दिन से टकटकवा रिंगबांध पर कटान हो रही है। जिसकी मरम्मत बाढ़खंड ने लगातार करा रहा है। शुक्रवार को इसी रिंगबांध पर फिर कटान शुरू हुई जिसे रोकने के लिए बाढ़खंड बिना संसाधन कूद पड़ा। ग्रामीण कटान रोकने को लेकर हल्ला मचाने लगे तो पता चला कि उनके पास कुछ ट्राली ईंट के रोड़े व खाली बोरियों के अलावा कुछ नहीं था। ऐसे में अभियंताओं की मौजूदगी में ही श्रमिक टकटकवा रिंगबांध पर कटान रोकने के लिए बनाए गए बेसों की मिट्टी भरी बोरियां उठाकर कटान वाली जगह लगाने लगे। पूछने पर बताया कि अब यहां स्थिति मजबूत है और कटान नहीं होगी। हरिजन बस्ती के सामने से बोरिया उठता देख ग्रामीण पहुंचे और विरोध शुरू कर दिया। तब रिंगबांध के पश्चिम ओर स्थित बेस की मिट्टी भरी बोरियों को उठाकर कटान वाली जगहों पर लगाने का काम शुरू हुआ। टकटकवा निवासी अजीत, चइतू, रेखा, शांति आदि ने बताया कि बाढ़खंड के पास कटान रोकने के संसाधन नहीं हैं तो वह अपने ही बनाए बेसों को उजाड़ कर हमारे मजरे को खतरे में डाल रहा है।
गौरा-सैफाबाद तटबंध एसडीओ हरिश्चंद्र ने बताया कि दो दिन से बारिश होने के कारण मिट्टी नहीं मिल पाई जिससे कटान रोकने के लिए रिंगबांध के बेस से मिट्टी भरी बोरियां उठाई जा रही हैं। जहां से बारियां उठाई जा रही हैं वहां स्थिति मजबूत है और कटान होने की संभावना न के बराबर है।