बनकटी। सरयू नहर खंड चार का महुली रजवाहा बारड़ा पंखोबारी के पास 7/8
दिसंबर की रात में कट गई। मौके पर पहुंची राजस्व विभाग की टीम भी पानी
रोकने में नाकाम साबित हुई।
नतीजा हुआ कि क्षेत्र की सैकड़ों की
बीघा रबी की फसल जलमग्न हो गई है। इससे किसानों में सिंचाई विभाग के प्रति
गुस्सा है। किसानों ने फसल नुकसान के मुआवजे की मांग की है।
किसान
दया राम चौधरी, बृजमोहन चौधरी, राम सुरेश, राम जीत, तुलसी राम, सतीराम,
भगवान दास बाबा की कुटी, रामफेर चौधरी, बीफन, झिन्नी पाल, गिरिजेश पाल,
अवधेश पाल समेत तमाम किसानों ने बताया कि खरीफ की फसल तो सूखे में चली गई,
रबी की फसल में सारी पूंजी लगा दी गई।
बुवाई के एक महीने के अंदर
ही सरयू नहर ने उनकी सारी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। मौके पर पहुंची
राजस्व टीम के कानूनगो दयाराम और हल्का लेखपाल शिव मूरत प्रसाद ने किसानों
किसानों को आश्वस्त किया कि इसका मुआवजा दिलाया जाएगा।
वहीं किसान
यूनियन के जिला मंत्री रामधनी चौरसिया ने कहा कि अगर संबंधित अधिकारी समय
रहते नहर को दुरुस्त नहीं करते हैं तो किसान मेले के बाद किसानों की
समस्याओं को लेकर वृहद आंदोलन चलाया जाएगा। इस संदर्भ में जब सरयू नहर खंड
के अधिशासी अभियंता संजय जायसवाल के मोबाइल फोन पर बात करने की कोशिश की गई
तो वे हर बार फोन काट दे रहे थे।