जय जवान-जय किसान स्लोगन के साथ किसानों का लगेगा स्टैच्यू
एक भारत-श्रेष्ठ भारत म्यूरल से बीडीए सजाएगा अमहट घाट का पार्क
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। शहर को सुंदर बनाने में बस्ती विकास प्राधिकरण (बीडीए) का भी कदमताल तेज हो गया है। कचहरी क्षेत्र में स्थित शास्त्री चौराहे की रौनक बढ़ने वाली है। शहर के पुराने प्रवेश द्वार के इस प्रथम चौराहे पर आमने-सामने समृद्धि चौक और शक्ति स्तंभ का निर्माण शुरू होने वाला है। पहली बार होने जा रहे इस प्रयोग से यह स्थल शहर के आकर्षण का विशेष केंद्र बनेगा।
बीडीए की ओर से तैयार कार्ययोजना में शास्त्री चौराहे का स्वरूप और निखरने वाला है। यहां दोनों तरफ समृद्धि चौक और शक्ति स्तंभ का निर्माण होने जा रहा है। लखनऊ की ओर से अमहट होकर आने पर यहां लोगों को शक्ति स्तंभ आकर्षित करेगा तो शहर से निकलते समय समृद्धि चौक की झलक दिखेगी। सात लाख रुपये की लागत से बनने वाले समृद्धि चौक हरित क्रांति के अग्रदूत किसानों के समूह को दर्शाता हुआ दीर्घ आकार का स्टैच्यू स्थापित किया जाएगा। इससे खुशहाली का संदेश मिलेगा। स्टैच्यू में अपने क्षेत्र के कृषि कार्य की झलकियां देखने को मिलेगी। वहीं दूसरी तरफ सोल्जर बोर्ड की ओर शहीदों के सम्मान में शक्ति स्तंभ का निर्माण होगा। इस पर आठ लाख रुपये खर्च होंगे। दोनों कार्यों के लिए निविदा प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। शीघ्र ही यह कार्य शुरू होने वाला है।
... अमहट पार्क पर होगा म्यूरल कार्य
बीडीए अमहट घाट के पास बनाए गए पार्क को भी साज-सज्जायुक्त बनाने की तैयारी में है। यहां एक भारत-श्रेष्ठ भारत का म्यूरल बनाया जाएगा। म्यूरल एक भित्ति चित्रकला है। इसके जरिये राष्ट्रीय धरोहर एवं देश की विभिन्न कलाओं का चित्रण प्रस्तुत किया जाएगा। यह मनोहारी दृश्य हाईवे को जोड़ने वाली सड़क से दिखेगा। पार्क की दीवारों पर विभिन्न आकृतियों की चित्रकारी की जाएगी। इस पर सात लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। बीडीए ने इस कार्य के लिए निविदा प्रक्रिया पूरी कर ली है।
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91 लाख रुपये की अन्य परियोजनाएं भी होंगी पूरी
प्राधिकरण क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों में सड़क, नाला निर्माण की अन्य परियोजनाएं भी पूरी की जाएंगी। इसके लिए 91 लाख रुपये का टेंडर कराया गया है। रेलवे स्टेशन से पंकज टाकिज पुलिया तक सड़क के एक तरफ नाला निर्माण कार्य प्रस्तावित है। इस पर 49 लाख रुपये खर्च होंगे। यहां नाला बनने से सड़क सुरक्षित हो जाएगी। जलनिकासी की व्यवस्था न होने से बारिश के दिन में यहां सड़क पर जलभराव का संकट गहरा जाता है। इसके अलावा महसो में 16 लाख रुपये की लागत से और बैरियहवा में 17 लाख रुपये की लागत से इंटरलॉकिंग सड़क का निर्माण कार्य कराया जाएगा। जबकि सात लाख रुपये के तीन अन्य छोटे कार्य कराए जाने हैं।
... अवस्थापना मद से खर्च होंगे धन
बीडीए अपने अवस्थापना मद से शहर के विकास में करीब सवा करोड़ रुपये खर्च करेगा। यह धन निर्माण कार्य के लिए उपलब्ध करा दिया गया है। हालांकि, बीडीए को अभी अपेक्षित राजस्व की प्राप्ति नहीं हो पा रही है। क्योंकि प्राधिकरण के नए मास्टर प्लान को स्वीकृति नहीं मिली है। इससे बढ़े हुए दायरे में बीडीए पूरी तरह प्रभावी नहीं है। तमाम आवासीय एवं कामर्शियल निर्माण बिना मानचित्र स्वीकृति कराए हो रहे हैं। बावजूद इसके मानचित्र स्वीकृति से मिलने वाले समन एवं विकास शुल्क से शहर में विकास के नए कार्य कराए जा रहे हैं।
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जनप्रतिनिधियों से लिए जाते हैं प्रस्ताव अवस्थापना मद से निर्माण कार्य कराने के लिए बीडीए खुद जनहित से जुड़े कार्यों का चयन करता है। नए विकसित क्षेत्रों में सड़क, नाली आदि की सुविधा न होने पर बीडीए प्रस्ताव तैयार करता है। प्राधिकरण की बैठक में इसे पेश किया जाता है। इसके अलावा जनप्रतिनिधियों से भी निर्माण कार्यों के लिए प्रस्ताव मांगा जाता है। प्राधिकरण जिन कार्यों को मंजूरी देता है उसी पर इस्टीमेट तैयार कराकर निविदा प्रक्रिया पूरी कराई जाती है।
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बीडीए गठन के बाद तमाम तरह की भ्रांतिया फैलती गई। कुछ जगहों पर आम नागरिक नक्शा आदि के नाम पर परेशान किए गए। हम लोगों का सपना था बीडीए प्रभावी होने से अपना शहर और बेहतर ढंग से विकसित होगा। यदि बीडीए की तरफ से निर्माण की पहल की जा रही है तो यह सराहनीय है।
उदय शंकर शुक्ल, अध्यक्ष, प्राथमिक शिक्षक संघ, बस्ती।
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विकास प्राधिकरण का आशय ही यहीं है कि सुसज्जित शहर की स्थापना हो। सड़क, नाली, पानी, बिजली आदि की सुव्यस्थित व्यवस्था हो। हमारे शहर के सभी चौराहों की हालत खराब है। यदि इसे संवारने की कवायद हो रही है तो यह प्रशंसनीय है। गुणवत्तापरक कार्य से बीडीए की अलग पहचान बनेगी।
डॉ. रघुवर पांडेय, समाजशास्त्री।
शहर एवं आसपास के जिन क्षेत्रों में अभी तक विकास योजनाएं नहीं पहुंची है वहां बीडीए को दखल देना चाहिए। जनता का पैसा जब उन्हीं की सुविधाओं पर खर्च होता है तभी इसकी सार्थकता सिद्ध होती है। नई आबादी वाले क्षेत्रों में बीडीए को सड़क, नाली आदि की सुविधा पर ज्यादा फोकस करना चाहिए।
आलोक पांडेय, पूर्व अध्यक्ष, छात्रसंघ।
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शहर का विस्तार तेजी के साथ हो रहा है। नगर पालिका का दायरा सीमित है। आसपास के गांव अब शहर का स्वरूप ले रहे हैं। यहां कालोनियां तो विकसित हो रही है मगर सड़क, नाली, विद्युत पोल की समस्या बरकरार है। बीडीए ऐसे क्षेत्रों का चयन कर निर्माण कराए तो बेहतर होगा।
संजय मिश्र, व्यवसायी।
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प्रस्तावित कार्यों की निविदा प्रकि्रया पूरी कर ली गई है। शीघ्र निर्माण कार्य शुरू करा दिए जाएंगे। धन की उपलब्धता के हिसाब से कार्यों को स्वीकृति मिल रही है। अन्य चौराहों के सौंदर्यीकरण का भी प्रयास चल रहा है।
संदीप कुमार, एक्सईएन, बीडीए।