संपूर्ण समाधान दिवस मंगलवार को सभी तहसीलों में मनाया गया। रुधौली में डीएम और एसपी तो भानपुर में सीआरओ और विधायक ने लोगों की समस्याएं सुनीं। वहीं, सदर तहसील में खुद सीडीओ ने तहसील दिवस की अध्यक्षता की। जबकि आए मामलों में बहुत ही कम संख्या में वाद निपटाए गए।
सदर तहसील दिवस की अध्यक्षता सीडीओ अरविंद कुमार पांडेय ने की। यहां 34 फरियादों की समस्याएं दर्ज की गईं। इनमें महज तीन का ही मौके पर निस्तारण किया गया। अन्य सभी फरियादी रोज की तरह लौट गए। तहसील दिवस के दौरान डीआईजी रेंज राकेश चंद्र साहू और तहसीलदार भी मौजूद रहे। वहीं, भानपुर तहसील में मुख्य राजस्व अधिकारी राम दुलारे पाण्डेय के साथ विधायक संजय प्रताप जायसवाल ने लोगों की समस्याएं सुनीं। यहां कुल 51 मामले दर्ज किए गए। इसमें महज चार की ही समस्या का समाधान किया जा सका है। पूर्व के लंबित मामलों की संख्या अधिक देखकर सीआरओ ने संबधित विभाग के जिम्मेदारों को चेताया। राजस्व के 11, चकबंदी के पांच, विकास के तीन, पुलिस के दो और विद्युत तथा आपूर्ति विभाग का एक-एक मामला लंबित मिला। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट/एसडीएम अमनदीप डुली, तहसीलदार जसीम अहमद, बीडीओ राम नगर हरिश्चन्द्र, बीडीओ सल्टौआ मंजू त्रिवेदी, आपूर्ति निरीक्षक रवि कुमार सिंह सहित सभी तहसील स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।
रुधौली तहसील दिवस में अध्यक्षता खुद डीएम सुशील कुमार मौर्य ने की। तहसील दिवस में कुल 74 मामले आए। इसमें सात का ही निस्तारण मौके पर हो सका। तहसील दिवस में जिलाधिकारी के साथ पुलिस अधीक्षक दिलीप कुमार, क्षेत्रीय विधायक संजय प्रताप जायसवाल, एसडीएम कीर्ति प्रकाश भारती, रमेश कुमार, डीडीओ नीरज श्रीवास्तव, बीडीओ रामरेखा सरोज सहित अन्य विभागीय जिम्मेदार मौजूद रहे।
73 में महज 11 के मामले निस्तारित
हर्रैया तहसील सभागार में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस फीका रहा। एडीएम की अध्यक्षता में हुए कार्यक्रम में कुल 73 फरियादी अपनी समस्याओं के प्रार्थना पत्र लेकर पहुंचे। इनमें से मात्र 11 मामलों का ही निस्तारण मौके पर हुआ। शेष निराश हो लौट गए। राजस्व विभाग के सर्वाधिक 25, पुलिस 18, विकास 13, गन्ना नौ, विद्युत छह और नगर पंचायत से संबंधित दो के प्रार्थना पत्र लेकर फरियादी पहुंचे। एडीएम भगवान शरण, अपर पुलिस अधीक्षक नरेंद्र सिंह, सीओ, सतीश चंद्र शुक्ला, कपिल मुनि सिंह सहित अन्य मौजूद रहे।
अधिवक्ताओं की मांग, तहसीलदार हटाओ
रुधौली।
तहसील दिवस की अध्यक्षता कर रहे डीएम उस समय असमंजस में फंस गए जब अधिवक्ताओं का एक ग्रुप तहसीलदार को हटाने की मांग करने लगा। लिखित शिकायत में धनउगाही से लेकर मनमानी तक के आरोप जड़े गए।
मंगलवार को रुधौली में तहसील दिवस की अध्यक्षता डीएम सुशील कुमार मौर्य करने पहुंचे थे। तभी रुधौली बार एसोसिएशन के अध्यक्ष पारसनाथ पांडेय की अगुवाई में अधिवक्ताओं का समूह पहुंच गया। तहसीलदार रमेश कुमार के खिलाफ न्यायिक प्रक्रिया में मनमानी के अलावा खारिज दाखिल में धनउगाही, तहसील परिसर में कंप्यूटराइज्ड खतौनी का निर्धारण शुल्क से अधिक पर वितरण कराने, विभिन्न प्रकरणों को दरख्वास्त के माध्यम से प्रस्तुत करने पर भी सुनवाई न करने, जनसुनवाई के प्रार्थना पत्र देने पर फटकार कर चेंबर से बाहर करने आदि के भी आरोप लगाए गए हैं। नगर पंचायत अध्यक्ष धीरसेन निषाद पर भी कोटेदारों पर मनमानी तथा राशन वितरण में गड़बड़ी, राशन कार्ड के लिए बार-बार आवेदन लेने के बाद भी पात्र गृहस्थी में चयन नहीं करने की शिकायत की।
बेबुनियाद लगाए जा रहे आरोप: तहसीलदार
आरोपों के संबंध में तहसीलदार रमेश कुमार का कहना है कि अधिवक्ताओं ने जो आरोप लगाए हैं वे सभी बेबुनियाद एवं निराधार हैं। शासन की मंशा के अनुसार कुछ दिन पहले पांच साल से ऊपर के वादों पर त्वरित निस्तारण शुरू किया तो इस पर लोगों ने आपत्ति जताई एवं सामान्य वादों की तर्ज पर तारीख लगाने की बात कही। उन्हें शासन की मंशानुरूप वादों के निस्तारण कराने लिए कहा तो अधिवक्ताओं ने मेरे न्यायालय का बहिष्कार किया। उसी को गलत तरीके से पेश कर डीएम के समक्ष रखा गया है।