प्रदेश में सरकार बदल गई मगर समाधान दिवस का ढर्रा जस का तस ही रहा। यह अलग बात है कि इस बार के समाधान दिवस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की हनक साफ दिखाई दी। सभी थानों पर राजस्व और पुलिस विभाग के आला अफसरों के साथ जिलास्तरीय अधिकारी समस्याएं सुनने बैठे। फरियादी थानों पर पहुंचे। आवेदन पंजीकृत कराया। आयुक्त, डीआईजी, डीएम, एसपी, सीओ, एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार ने थानों पर पहुंच कर स्थिति का जायजा लिया। छिटपुट मामलों को छोड़कर शेष में फिर से तारीख दे दी गई।
कोतवाली में एसडीएम सदर राजनरायन तिवारी और सीओ एसएन सिंह ने यहां फरियाद सुनी। कुल पांच मामले आए, जिसमें से एक का ही निस्तारण हो सका, जबकि चार मामलों में तारीख दे दी गई। इधर, पुरानी बस्ती और वाल्टरगंज थाने में डीएम पीएन सिंह और एसपी शैलेश कुमार पांडेय ने समस्याएं सुनीं। उन्होंने सभी मामलों के त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए।
रुधौली प्रतिनिधि के अनुसार यहां समाधान दिवस की कार्रवाई के बीच अचानक आयुक्त दिनेश कुमार सिंह और डीआईजी लक्ष्मी नारायण 12:45 बजे पहुंचे। डीआईजी ने चुनाव पूर्व हुए आखिरी समाधान दिवस के मामलों की जांच की। एक मामले में पुलिस की ओर से राजस्व मामले की फाइल विभाग में रखे जाने पर भी भी नाराजगी जताई। यहां आयुक्त ने ओलावृष्टि की राहत राशि सभी किसानों को वितरित न किए जाने के बारे में जानकारी ली। समाधान दिवस पर विधायक संजय प्रताप जायसवाल भी पहुंचे। हालांकि, यहां आए कुल 13 मामलों में से एक का निस्तारण हो सका, जबकि शेष को निस्तारित कराने के निर्देश दिए गए।
बहादुरपुर प्रतिनिधि के मुताबिक नगर थाने में जमीन विवाद के आठ मामले दर्ज किए गए, जिनमें दो का मौके पर निस्तारण हुआ। एक अन्य मारपीट का निस्तारण हुआ। एसओ रमेश ने मामले की सुनवाई की। समाधान दिवस पर कोई पुलिस और प्रशासन का अधिकारी मौजूद नहीं रहा।
कलवारी प्रतिनिधि के मुताबिक यहां राजस्व के 11 मामले पंजीकृत हुए। सीओ कलवारी अरशद जमाल सिद्दीकी और नायब तहसीलदार अमरचंद वर्मा ने तीन मामलों का निस्तारण किया, जबकि आठ मामलों में संयुक्त टीम बनाकर निस्तारित करने का निर्देश सुनाया। यहां प्रभारी थानाध्यक्ष विनोद कुमार यादव मौजूद रहे। सोनहा प्रतिनिधि के अनुसार राजस्व के तीन मामले पंजीकृत हुए। इसमें से एक का भी निस्तारण नहीं हो सका है। इस मौके पर प्रभारी निरीक्षक ओम प्रकाश यादव भी मौजूद रहे। बनकटी प्रतिनिधि के अनुसार थाना दिवस पर पहली बार सीओ पवन गौतम और तहसीलदार पहुंचे। यहां आए सात में से मात्र एक का निस्तारण हुआ, शेष छह मामले में तारीख मिल गई। वाल्टरगंज प्रतिनिधि के अनुसार यहां सीओ अरविंद कुमार वर्मा और प्रभारी निरीक्षक रामाशीष यादव ने फरियादियों की समस्याएं सुनीं। मामले में पीड़ितों से बातचीत चल ही रही थी कि अचानक डीएम और एसपी भी वहां पहुंच गए। 10 मामलों में से मात्र एक का ही निस्तारण हो सका।