संतकबीरनगर। आईजीआर एस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के निस्तारण में फरियादियों की संतुष्टि का फीडबैक 50 प्रतिशत से कम आने पर डीएम ने डीपीआरओ समेत छह अधिकारियों का वेतन रोक दिया है। इसके साथ ही 34 अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा है। डीएम की इस कार्रवाई से हड़कंप मचा हुआ है।
बता दें कि आईजीआरएस पोर्टल पर अपलोड शिकायती प्रार्थना पत्रों का समयावधि एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण किए जाने तथा डिफाल्टर तिथि से तीन दिन पूर्व निस्तारण किए जाने के स्पष्ट निर्देश हैं।
सितंबर माह में विभागों को सूचना देने के बाद भी कुछ अधिकारियों द्वारा आईजीआरएस पोर्टल पर अपलोड शिकायती प्रार्थना पत्र का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण नहीं किया गया। जिससे फरियादियों और शिकायतकर्ताओं की संतुष्टि का फीडबैक 50 से भी काम प्राप्त हुआ। आईजीआरएस के प्रकरणों के निस्तारण में गुणवत्ता का अभाव फलस्वरूप शिकायतकर्ता का फीडबैक असंतुष्ट पाए जाने (80 प्रतिशत से अधिक प्राप्त असंतुष्ट फीडबैक वाले अधिकारियों) तथा प्रकरण का निस्तारण समयावधि में न करने के कारण डिफाल्टर की श्रेणी में जाने पर औषधि निरीक्षक, चकबंदी अधिकारी धनघटा, खंड शिक्षा अधिकारी बेलहर कला, अधिशाषी अधिकारी बाघनगर उर्फ बखिरा, प्रभारी चिकित्साधिकारी पौली एवं जिला पंचायत राज अधिकारी का अक्तूबर माह का वेतन बाधित करने का निर्देश डीएम ने दिया है।
इसके साथ ही शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण न किए जाने के संबंध में तथा असंतुष्ट संदर्भों के सापेक्ष में किससे संपर्क किया गया और संतुष्टि के लिए क्या किया गया है। इसमें डिफाल्टर होने का कारण 34 अधिकारियों को स्पष्टीकरण मांगा गया है।