बस्ती। श्रावण मास के पहले सोमवार को ‘जीव’ अपने आराध्य ‘शिव’ के मिलने के लिए उमड़ेगा। इसे देखते हुए पुलिस की कड़ी व्यवस्था की गई है। भद्रेश्वरनाथ सहित जिले के सभी शिव मंदिरों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। मंदिर के गर्भगृह के चारों तरफ बैरिकेडिंग की गई है। सुबह तीन बजे कपाट खुल जाएंगे। परिसर में पार्किंग की व्यवस्था की गई है, ताकि वाहनों का आवागमन बाधित न हो। मंदिर परिसर में पुलिस सहायता केंद्र खोला गया है।
उधर, अयोध्या में बढ़ने वाली भीड़ को देखते हुए फोरलेन पर उस तरफ जाने वाले बड़े वाहनों का मार्ग परिवर्तित कर दिया गया है। अयोध्या होते हुए लखनऊ की तरफ जाने वाले वाहनों को डुमरियागंज, उतरौला, गोंडा होते हुए भेजा जा रहा है। बसों का रूट डायवर्ट हाेने से यात्रियों को आम दिनों से अधिक किराया देना पड़ रहा है। वहीं समय भी ज्यादा लग रहा है। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मंगलवार को दोपहर 12 बजे तक यह डायवर्जन प्रभावी रहेगा।
खुफिया विभाग के जवान तैनात किए गए
- शिवमास कहे जाने वाले इस महीने में वैसे भी शिवालयों पर गहमागहमी बढ़ जाती है। मगर पहले सोमवार को अपेक्षा से अधिक जन समूह भद्रेश्वरनाथ और भारीनाथ समेत अन्य शिव मंदिरों पर उमड़ता है। वैसे तो श्रावण मास लगते ही बड़ी संख्या में शिव भक्तों ने भद्रेश्वरनाथ मंदिर में भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करना शुरू कर दिया था। मगर पहले सोमवार के अभिषेक की महत्ता काफी ज्यादा बताई गई है। सोमवार को जलाभिषेक के साथ ही रुद्राभिषेक की तैयारी में लगे रहे। भारीनाथ, महादेवा, हरदेवनाथ, देवरिया, तिलकपुर समेत अन्य सभी शिवमंदिरों में पहले सोमवार को देखते हुए व्यापक तैयारियां की गई हैं। इसे देखते हुए खुफिया विभाग के जवान भी परिसर में तैनात किए गए हैं। छेड़खानी और महिलाओं की भीड़ में चेन स्नेचिंग की घटनाओं को रोकने के लिए खासतौर से महिला कांस्टेबल की ड्यूटी लगाई गई है। एसपी गोपाल कृष्ण चौधरी के मुताबिक, पहले सोमवार को शिव मंदिरों पर पुलिस फोर्स की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। भद्रेश्वरनाथ में कोतवाली के अलावा अन्य थानों की फोर्स भी लगाई गई है। इसके अलावा अन्य क्षेत्रों में संबंधित थानों की फोर्स सुरक्षा व्यवस्था संभालेगी। किसी तरह की अराजकता करने वालों पर पुलिस कड़ी कार्रवाई करेगी।
ऐसे करें शिव की आराधना
- ज्योतिर्विद पंडित ओम प्रकाश शास्त्री ने बताया कि सावन में शिवालयों में स्थापित, प्राण प्रतिष्ठित शिवलिंग या धातु से निर्मित शिवलिंग का गंगाजल व दुग्ध से रुद्राभिषेक करें। यह शिव को अत्यंत प्रिय है। वहीं उत्तरवाहिनी गंगाजल, पंचामृत का अभिषेक भी महाफलदायी है। कुशोदक (ऐसा जल, जिसमें कुश घास की पत्तियां डाली गई हों) से व्याधि शांति, जल से वर्षा, दही से पशुधन, गन्ने के रस से लक्ष्मी, मधु से धन, दूध से संतान की सुख समृद्धि और एक हजार मंत्रों सहित घी की धारा से भगवान शिव का अभिषेक करने से पुत्र व यश की वृद्धि होती है।
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सावन माह के व्रत और त्योहार
-ज्योतिषाचार्य सतीश मणि त्रिपाठी के अनुसार, प्रतिपदा को अशून्यन व्रत, द्वितीया को औदुंबर व्रत, तृतीया को गौरी व्रत, चतुर्थी को दूर्वा गणपति व्रत, पंचमी को उत्तम नाग पंचमी व्रत, षष्ठी को सूपोदन व्रत, सप्तमी को शीतला व्रत, अष्टमी और चतुर्दशी को शिव व्रत, नवमी को नक्त व्रत, दशमी को आशाव्रत, एकादशी को भगवान श्रीहरि व्रत, द्वादशी को श्रीधर व्रत, त्रयोदशी को प्रदोष व्रत, अमावस्या को पिठोरा व्रत, पूर्णिमा को उत्सर्जन, उपाकर्म, सभाद्वीप, रक्षाबंधन, श्रावणी पूर्णिमा सहित कई व्रत होते हैं।
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सावन का पहला सोमवार : 10 जुलाई
सावन का दूसरा सोमवार : 17 जुलाई
सावन का तीसरा सोमवार : 21 अगस्त
सावन का चौथा सोमवार : 28 अगस्त
सावन अधिक मास का पहला सोमवार : 24 जुलाई
सावन अधिक मास का दूसरा सोमवार : 31 जुलाई
सावन अधिक मास का तीसरा सोमवार : 7 अगस्त
सावन अधिक मास का चौथा सोमवार : 14 अगस्त