बस्ती। नियमों को दरकिनार कर शहर की सड़कों पर बेखौफ होकर ऑटो दौड़ लगा रहे हैं। मानक से अधिक सवारियां बैठाकर हादसे को दावत दे रहे यह ऑटो चालक रेलवे स्टेशन, रोडवेज बस स्टेशन, बड़ेवन, कचहरी चौराहा, मूड़घाट रोड आदि से बेखौफ होकर फर्राटा भर रहे हैं। जिम्मेदार आंखें मूंदे हुए हैं।
सहालग का सीजन चल रहा है। ट्रेन और बसों में यात्रियों की भीड़ बढ़ी है। ऑटो चालकों के लिए भी कमाई का यह बढि़यां मौका है। ट्रेनों के स्टेशन पर पहुंचने से पहले ही यात्रियों की तलाश में ऑटो चालक रेलवे के फुटओवर ब्रिज से लेकर परिसर तक डेरा जमाकर खड़े नजर आते हैं। ट्रेनों के आने पर यात्रियों के प्लेटफॉर्म से बाहर निकलते ही लोगों का बैग लेकर इन्हें अपने ऑटो में बैठाना शुरू कर देते हैं।
मानक का ख्याल किए बिना दस से 12 सवारियां भरकर सबकी जान जोखिम में डालते हुए शहर से लेकर हाईवे तक लौट लगा रहे हैं।
रविवार को भी ऐसा ही नजारा देखने को मिला। सुबह के आठ बजे ट्रेन के आने पर एक ऑटो चालक स्टेशन से कुछ लोगों का बैग लेकर आया। बांसी की लगभग दस सवारियों को ऑटो में बैठा लिया। अपने अगल-बगल भी एक-एक सवारी को बैठाने के साथ पीछे की सीट पर भी आठ से अधिक सवारियां बैठी नजर आईं। उसमें भी बीच में यात्रियों का सामान रखा था।
अधिक सवारियों के कारण ऑटो चालक को हैंडिल मोड़ने में दिक्कत हो रही थी, लेकिन थोड़े पैसे के लालच में वह सवारियों को संकट में डालने से नहीं चूका और जैसे-तैसे ऑटो लेकर आगे बढ़ गया। रेलवे स्टेशन रोड, रोडवेज बस स्टेशन रोड, कचहरी चौराहा, बड़ेवन, टोल प्लाजा, मुड़घाट रोड, मनौरी चौराहा, फुटैया चौराहाें पर रोज मनमाना रवैया देखा जा सकता है। इन चालकों को ऑटो में पांच सवारी बैठाकर चलने की अनुमति आरटीओ से मिलती है, लेकिन दस से 12 सवारी तक बैठाकर ही ऑटो स्टार्ट होता है।
ऑटो चालक मनमाना किराया भी वसूलने से भी नहीं चूकते। जानकारी न होने पर यात्रियों से ये ऑटो चालक दोगुना तक किराया वसूल ले रहे हैं। डुमरियागंज जा रहे निहाल ने बताया कि रेलवे स्टेशन से डुमरियागंज का 150 रुपये की मांग कर रहे हैं।