संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। रमजान का महीना शुरू हो गया है। अकीदतमंद दिनभर भूखे-प्यासे रहकर रोजा रख रहे हैं। अल्लाह की इबादत में रोजा का विशेष महत्व है। इस वजह से माह भर खानपान में बदलाव रहता है। ऐसे में सेहत के प्रति विशेष सावधानी बरतनी होती है। रोजेदारों को स्वस्थ रहने के लिए चिकित्सक लगातार सलाह दे रहे हैं। रोजा के दौरान सेहत का पूरा ख्याल रखना ही अकलमंदी है। मधुमेह और रक्तचाप से पीड़ित लोग रोजा रखने के दौरान सेहत के प्रति विशेष सतर्क रहें। खानपान पर नियंत्रण रखें।
रमजान माह में अकीदतमंद भोर में सेहरी के बाद शाम ढलने तक भूखे-प्यासे रहकर रोजा रखते हैं। लोगों को प्रतिदिन 12 से 14 घंटे का रोजा रखकर इबादत की कड़ी परीक्षा देनी पड़ रही है। रमजान माह में रोजेदारों की दिनचर्या सामान्य दिनों से भिन्न है।
इधर, मौसम में बदलाव हो रहा है। ऐसे में रोजेदारों के अच्छे सेहत के लिए स्वास्थ्य विशेषज्ञ तरह-तरह के उपाय सुझाए हैं। उनका कहना है कि इबादत के साथ साथ स्वास्थ्य ठीक रहना भी जरूरी है। गर्मी बढ़ रही है। रोजा में दिन के समय भूखे पेट रहना पड़ता है। ऐसे में सेहरी और इफ्तार के समय भरपूर पानी पीएं। पोषण युक्त आहार का सेवन करें। भोजन में फाइवर युक्त आहार ज्यादा शामिल करें। बाहरी पेय पदार्थों के सेवन से बचें और सुगर, बीपी की दवा भी नियमित लेते रहे।