दर्द- बस्ती वासियों का- वार्ड - 12 रौतापार में समस्याओं का अंबार, सांसत में लोग
गंदगी के बीच टूटी सड़क पर चलना नागरिकों की मजबूरी
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। मालवीय मार्ग से जुड़ा वार्ड संख्या 12 रौतापार दुश्वारियों से घिरा हुआ है। यहां की आधा दर्जन सड़कें चलने लायक नहीं है। जगह-जगह नालियां टूटकर क्षतिग्रस्त हो गई हैं। गंदे पानी का बहाव नहीं हो पा रहा है। बारिश के दौरान यहां आधा दर्जन मुहल्लों में जलभराव की समस्या गहरा जाती है। बदइंतजामी के बीच रहना यहां के नागरिकों की नियति बन गई है।
नगर पालिका परिषद के विकास की गाड़ी का पहिया लगभग ठप है। जिससे वार्ड 12 रौतापार मुहल्ला भी दुश्वारियों का दंश झेल रहा है। डेढ़ साल से यहां न तो सड़कों की मम्मत हुई है और न ही नालियों की रिपेयरिंग की गई। आधा दर्जन मुहल्लों में समस्याएं बढ़ती जा रही हैं। कई घरों के लिए बिजली, पानी तक का संकट है। अमृत योजना के तहत अभी दो दर्जन से अधिक घरों के लिए पाइपलाइन भी नहीं बिछाया गया है। जिससे नागरिकों को इंडिया मार्क नल से लाइन लगाकर पीने योग्य पानी लेना पड़ रहा है। वहीं विद्युत पोल न होने से बास-बल्ली के सहारे कुछ घरों में बिजली की सप्लाई हो रही है।
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ब्लॉक रोड की सड़क टूटकर हुई खस्ताहाल
रौता चौराहा से हाईवे को जोड़ने वाली ब्लॉक रोड की मुख्य सड़क टूटकर खस्ताहाल हो गई है। ठंडा घर के आगे यह सड़क गड्ढों में तब्दील हो गई है। मुहल्लेवासियों, स्कूली बच्चों के अलावा शहरी आवागमन का भार इसी मार्ग पर है। जगह-जगह उखड़े पैच कार्य आवागमन को प्रभावित कर रहा है। ज्यादा दिक्कत डॉ. अनुराग सहाय के मकान से यूनिक साइंस एकेडमी तक हो रही है। यहां लगभग दो सौ मीटर की दूरी में सड़क अस्तित्वविहीन हो गई है। बारिश के समय जलभराव के बीच चलते समय लोग दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं।
विवेकानंद काॅलोनी में पानी की सप्लाई नहीं
वार्ड के विवेकानंद काॅलोनी में सड़क और पाइप लाइन का कार्य नहीं हो सका है। क्षतिग्रस्त खड़ंजा और कच्चे रास्ते पर यहां के लोगों का आना-जाना है। कुछ दूर तक इंटरलॉकिंग सड़क बनी है लेकिन वह भी रखरखाव के अभाव में टूट गई है। यहां बारिश के दिनों में कई घरों के रास्ते बंद हो जाते हैं। लोग घर से दूर मोटरसाइकिल खड़ी कर पानी में घुसकर आते-जाते हैं। अमृत योजना के तहत यहां दो दर्जन घरों में अभी तक पानी का कनेक्शन नहीं दिया गया है।
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शक्तिनगर में टूट गई नाली
वार्ड के शक्तिनगर काॅलोनी में नालियां मरम्मत के अभाव में टूट गई हैं। कई जगह ढक्कन उखड़ गए हैं। जिससे मुहल्लेवासियों का आना-जाना दुश्वार है। नालियों से उठ रही दुर्गंध का सामना करते हुए लोग निकल रहे हैं। यहां की गलियों में इंटरलॉकिंग सड़क उखड़ने से नियमित साफ-सफाई भी नहीं हो पा रही है।
इन मुहल्लों में बिजली का पोल नहीं
वार्ड के शक्तिनगर एवं अमरूतहिया मार्ग से जुड़े नई बस्ती में अभी तक बिजली के पाेल नहीं लगाए गए हैं। जिससे नागरिकों को 100 से 200 मीटर तक केबिल के सहारे बिजली मिल रही है। बास-बल्लियों पर केबिल का संजाल लटक रहा है। इससे नागरिकों में अनहोनी की आशंका बनी रहती है।
सबसे जरूरी सड़क और नालियों का मरम्मत कार्य कराया जाना है। लोग रोजाना टूटी सड़कों पर चलने के लिए विवश हैं। सड़क टूट जाने से सफाई कार्य भी नियमित रूप से नहीं हो पाता है।
पुष्पा देवी, रौतापार
बारिश के समय स्थिति विकट हो जाती है। लगभग सभी रास्तों पर पानी भर जाता है। नालियां पानी का बहाव नहीं कर पाती है। बच्चों का स्कूल जाना मुश्किल हो जाता है।
अरुण मिश्रा, रौतापार
हमारे मुहल्ले में पानी की सप्लाई नहीं है। तीन साल से सुनने में आ रहा है कि टोटी का पानी मिलेगा, मगर यह कब संभव होगा कुछ पता ही नहीं है। हम लोग दूषित पानी पीने को मजबूर हैं।
सुभावती, रौतापार
बिजली का पोल न होने पर लोगों के घरों तक दूर से केबिल दौड़ाकर काम चलाया जा रहा है। कई घरों को बिजली कनेक्शन भी नहीं मिल पा रहा है। शासन प्रशासन इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
अशोक सिंह, रौतापार
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मुहल्ले के विकास के लिए हमने अथक प्रयास किया है। नगर पालिका के पास बजट न होने पर मुहल्ले की कुछ सड़क और नाले के निर्माण का प्रस्ताव डूडा को सौंपा गया है। पौने दो करोड़ की लागत की पांच सड़कें स्वीकृति भी हो चुकी हैं। शीघ्र ही इन पर निर्माण शुरू हो जाएगा। शेष सड़क और नालियों के मरम्मत का प्रस्ताव नगर पालिका को सौंपा गया है।
मंजू श्रीवास्तव, सभासद