संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। गोरखपुर-बस्ती रेलखंड के बीच मेगा ब्लॉक खत्म होने के बाद 25 दिसंबर से ट्रेनों का डायवर्जन खत्म तो हो गया है। मगर, यात्रियों की समस्या कम नहीं हुई हैं। अधिकतर एक्सप्रेस एवं सुपरफास्ट ट्रेनें निर्धारित समय से काफी विलंब से चल रही हैं।
इससे लोकल यात्रियों को ज्यादा परेशानी हो रही है। कोहरे में सड़क का सफर असुरक्षित होने के बाद भी उन्हें लखनऊ, प्रयागराज, गोरखपुर और बनारस तक का सफर बस से करना पड़ रहा है।
रविवार को भी आधा दर्जन एक्सप्रेस ट्रेनें विलंब से चल रही थीं। बरौनी-लखनऊ एक्सप्रेस, बाघ एक्सप्रेस, कुशीनगर, गोरखपुर एलटीटी आदि ट्रेनें निर्धारित समय से घंटा, दो घंटा विलंब होकर चल रही थी।
इससे लखनऊ जाने वाले यात्रियों को कठिनाई झेलनी पड़ी। जिन्हें जरूरी कार्य से पहुंचना अनिवार्य था, उन्होंने सड़क मार्ग का सहारा लिया। कुदरहा के आलोक ने बताया कि उन्हें सुबह 11 बजे तक लखनऊ पहुंचना अनिवार्य हैं।
कोहरे की वजह से ट्रेन का सफर ज्यादा मुनासिब समझ रहे थे। मगर, ट्रेनों का संचलन विलंब से होने के कारण हाईवे पर प्राइवेट बस या टैक्सी गाड़ी से जाना पड़ रहा है। रेलवे स्टेशन पर मौजूद प्रियंका ने बताया कि उन्हें लखनऊ- बरौनी से सफर करना है। आधा घंटे से ट्रेन का इंतजार कर रही हूं।
वहीं लोकल यात्रियों के लिए चलने वाली गोरखपुर-गोंडा पैसेंजर ट्रेन निरस्त कर दी गई थी। इस वजह से टिनिच, गौर, छपिया, लखपतनगर, मोतीगंज जैसे छोटे स्टेशनों तक यात्रा करने वाले लोग परेशान नजर आए।
कुछ यात्री तो एक्सप्रेस ट्रेनों में सवार होकर बभनान, मनकापुर और गोंडा पहुंचे। यहां से फिर टैक्सी के सहारे गंतव्य पर जाने की व्यवस्था बनाई। प्रतिदिन सफर करने वाले लोकल यात्रियों का कहना है कि आए दिन ब्लॉक की वजह से ट्रेनों के आने-जाने का समय डगमगा गया है। ऊपर से कोहरे की वजह से ट्रेनों की रफ्तार भी धीमी पड़ गई है। ऐसे में नौकरी पेशा वाले यात्रियों को समय से गंतव्य तक पहुंचने में दिक्कत हो रही है। ी