एनएच-27 गोटवा के पास रिंग रोड के लिए बनाया जा रहा है फ्लाईओवर संवाद
बस्ती। वशिष्ठ की नगरी में रिंग रोड परियोजना तेजी से आकार ले रही है। वन विभाग की हरी झंडी के बाद निर्माण की गति भी तेज हुई है। अभी तक इस प्रस्तावित रोड पर 25 लघु पुल का निर्माण पूर्ण करा लिया गया है, जबकि महत्वपूर्ण ओवरब्रिज पर पायलिंग यानी की फाउंडेशन का कार्य भी तेजी से चल रहा है। वहीं, रोड के लिए मिट्टी पटाई का कार्य भी तेजी से हो रहा है।
परियोजना के लिए जिले में 54 गांवों की कुल 111 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया जा चुका है। रिंग रोड पर प्रस्तावित फ्लाई ओवर पर भी कार्य शुरू है। बस्ती-अयोध्या नेशनल हाईवे-27 पर गोटवा के पास से शुरू रिंग रोड 22.05 किमी. सबदेइया कला तक जाएगी। इसमें 1138 करोड़ रुपये खर्च किए जाने हैं। अभी यह पहला फेज है, उसके बाद दूसरे फेज का निर्माण शुरू होगा। 60 मीटर चौड़े रिंग रोड पर एक रेलवे ओवरब्रिज आरओबी, एक फ्लाईओवर, सात वाहन अंडरपास, एक मेजर ब्रिज और 10 माइनर ब्रिज का निर्माण शामिल है। इसके अलावा कलवारी और भदेश्वरनाथ में दो बड़े पुलों का निर्माण भी प्रस्तावित है, जो लुंबिनी-दुद्धी मार्ग और मेडिकल कॉलेज रोड को जोड़ेंगे। दोनों पुलों के निर्माण के लिए पायलिंग कार्य शुरू हो चुका है, इनके निर्माण की बात करें तो फाउंडेशन का 40 फीसदी काम पूरा हो चुका है। एडीएम भूमि एवं अध्याप्ति कीर्ति प्रकाश भारती बताया कि अब तक अधिग्रहीत भूमि का 305 करोड़ के मुआवजा में 265 करोड़ रुपये काश्तकारों को दिए जा चुके हैं। शेष बचे काश्तकारों का मुआवजा जल्द मिल जाएगा।
बताया कि किसानों की ओर से पेड़ संबंधित कुछ मुआवजा की मांग की गई थी, उसे निस्तारित करवा दिया गया है। बताया गया कि यह परियोजना न केवल दो सौ गांवों की कनेक्टिविटी को बेहतर बनाएगी, बल्कि पर्यटन और आर्थिक विकास को भी नई गति प्रदान करेगी। बताया गया कि रिंगरोड पर ओवरआल अभी तक 25 प्रतिशत कार्य हो चुका है। 75 प्रतिशत काम पर निर्माण कार्य तेज है।
1139 सरकारी व 600 गैर सरकारी पेड़ की कटाई लगभग पूर्ण : रिंग रोड में 1139 वन विभाग और 600 गैर संरक्षित पेड़ थे, इनपर वन विभाग ने एनओसी दिया तो उस पर कार्यदायी संस्था ने पेड़ की कटाई शुरू कराई, बताया गया कि अधिकांश पेड़ कट चुके हैं। इससे निर्माण की गति और तेज हुई है। पेड़ के चलते अभी तक बाधा उत्पन्न हो रहा था।