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मिलों में फंसा है पीसेेेेेेेेेेेेीएफ के 6.50 करोड़ का चावल

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Rice
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बस्ती। धान खरीद के बाद राइस मिलरों को कुटाई के लिए उसे दिया जाता है। इसके बाद राइस मिलर की जिम्मेदारी है कि वे कूटा गया चावल एफसीआई गोदाम को दें। यह क्रम हर वर्ष धान खरीद के साथ होता रहा है, मगर वर्ष 2011-12 में धान खरीद के बाद तकनीकी संकट के चलते करोड़ों रुपये कस्टम मिलिंग राइस यानी सरकारी चावल फंस गया। इसमें पिछले वर्ष तक पीसीएफ का 6.50 करोड़ का सरकारी चावल फंसा हुआ है। हालांकि पिछले वर्ष यानी वर्ष 2017-18 के बकाया में से ज्यादातर चावल की वसूली हो चुकी है, मगर अभी भी उस वर्ष का करीब 1.15 करोड़ रुपये फंसा है।  
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पीसीएफ ने धान खरीद के बाद वर्ष 2011-12 में संबद्ध 14 राइस मिलों धान उपलब्ध कराया। इसका कुल चावल मूल्य 2.33 करोड़, वर्ष 2013-14 में आठ राइस मिलों को 2.96 करोड़ तथा वर्ष 15-18 में चार राइस मिलों को 1.15 करोड़ का चावल अब तक भारतीय खाद्य निगम के गोदाम तक नहीं पहुंच सका है। चावल की वसूली को लेकर बार-बार निर्देश के बावजूद वर्ष 11-12 व 12-13 के चावल वापसी नहीं किया तो पीसीएफ ने इनमें से 22 के खिलाफ आरसी जारी कर दिया, मगर इस आरसी का भी उन पर कोई प्रभाव नहीं है। खबर है कि आरसी के बाद मिलरों पर राजस्व विभाग ने कोई दबाव नहीं बनाया। नतीजतन, राइस मिलर आरसी को भी नजरंदाज कर गए हैं। हालांकि, शासन ने अब सरकारी चावल की वसूली को लेकर तेवर सख्त कर दिए हैं, जिस पर पीसीएफ पिछले वर्ष के चावल वसूली को चार राइस मिलरों पर दबाव बढ़ा दिया है। इससे उस वर्ष का अधिकांश धन तो जमा हो गया है, मगर अब भी 1.15 करोड़ रुपये बकाया है, मगर पुराने बकाया को लेकर अब भी राइस मिलर चुप्पी साधे हुए हैं।  राइस मिलरों की मानें तो जिस समय उन्हें कुटाई के लिए दिया गया था तो वे तत्काल इसे जमा करने गए थे, मगर एफसीआई में गोदाम खाली न होने के कारण उन्हें वापस कर दिया गया। प्रयास के बावजूद एफसीआई बार-बार टालती रही, जिससे गोदामों में रखा चावल खराब हो गया। अब जब चावल खराब हो गया तो उन पर सारी जिम्मेदारी थोप कर वसूली की जा रही है।  
पीसीएफ के जिला प्रबंधक अमित चौधरी कहते हैं कि जिन राइस मिलरों के खिलाफ आरसी जारी है वे बकाया जमा नहीं कर रहे हैं और उन पर दबाव भी नहीं बनाया जा सकता, मगर वर्ष 2017-18 के बकाया चावल की वसूली की जा रही है। राइस मिलर सहयोग कर रहे हैं। वे धीरे-धीरे बकाया जमा कर रहे हैं। जिन पर आरसी जारी है उनसे राजस्व विभाग वसूली करेगा।
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