बस्ती। मौसम का तेवर ठंड होते ही बीमारियां बढ़ गईं। सर्दी, जुकाम व वायरल फीवर के अलावा हृदय रोगियों व लकवा के मरीजों की संख्या भी बढ़ गई है। डाक्टरों की मानें तो यह मौसम बच्चों और बूढ़ों के लिए खतरनाक है।
दिसंबर का द्वितीय पखवारे में दिन में ठंड का असर नहीं दिख रहा था, मगर बृहस्पतिवार शाम से अचानक मौसम में तब्दीली आई और ठिठुरन वाली ठंड शुक्रवार सुबह हवा के साथ दोगुनी हो गई। जिला अस्पताल के बाह्य चिकित्सा कक्ष में अन्य दिनों से दोगुना मरीज आए। इसमें हृदयरोग व लकवा के मरीज भी शामिल थे।
जिला अस्पताल के फिजीशियन डॉ. प्रमोद कुमार चौधरी कहते हैं कि ठंड का असर पिछले दो दिनों से दिख रहा है। दो दिन में करीब दो सौ मरीज आए हैं। इनमें एक दर्जन हृदय रोग से पीड़ित थे तो करीब पांच मरीज लकवा के आए हैं। इससे पूर्व साठ से सत्तर मरीजों की ओपीडी होती थी। ठंड में हृदयरोग के मरीजों की संख्या बढ़ जाती है। यही हाल लकवा का भी है। वैसे तो यहां सामान्य रूप से इलाज किया गया है, मगर जो मरीज आए थे उन्हें हृदयरोग विशेषज्ञ को दिखाने की सलाह दी गई है।
डॉ. रामजी सोनी कहते हैं कि ठंडक का असर इधर दो दिनों से दिख रहा है। मरीजों की संख्या भी बढ़ी है, जिसमें अधिकांश रोगी कोल्ड डायरिया, निमोनिया, वायरल फीवर व सांस फूलने के ही हैं। सांस की बीमारी इस मौसम में अपना प्रभाव अधिक दिखाती है। ऐसे रोगी ठंड से बचने के लिए अपने को पूरी तरह ढक कर निकलें। धूल आदि से भी बचें। सामान्य पानी के स्थान पर गुनगुुना पानी भी बीमारों को राहत देता है। ऐसे में केवल सांस के रोगी ही नहीं सभी को इस मौसम में गरम पानी पीने की सलाह दी जाती है।