संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। नो हेलमेट-नो पेट्रोल का नियम 26 जनवरी से प्रदेश भर में लागू हो गया, लेकिन इस नियम के प्रति लोगों में जागरूकता का अभाव नजर आया।
पेट्रोल पंपों पर बहुत से लोग बिना हेलमेट के दो पहिया वाहन में पेट्रोल लेने पहुंचते रहे। कुछ पेट्रोल पंप पर बिना हेलमेट के लोग वाहन में पेट्रोल के लिए मिन्नतें करते नजर आए। तो कई पेट्रोल पंपों पर बिना हेलमेट के पहुंचे लोगों को बैरंग लौटना पड़ा। ऐसे लोगों को वाहन में पेट्रोल खत्म होने की चिंता सताने लगी। पेट्रोलपंप संचालकों में इस नियम को लेकर ज्यादा दिलचस्पी नजर नहीं आई। प्रचार-प्रसार के बोर्ड भी कम नजर आए।
दोपहर एक बजे जिला महिला चिकित्सालय स्थित पांडेय पेट्रोल पंप पर दो पहिया वाहन में लोग पेट्रोल लेने के लिए पहुंचे। हेलमेट पहने लोगों को पंपकर्मी पेट्रोल देते नजर आए, तो कई बिना हेलमेट के पेट्रोल लेने पहुंचे। ऐसे लोगों को कर्मियों ने नियम बताकर पेट्रोल देने से मना कर दिया। तो वह अपने वाहन खड़ा कर पहले निवेदन फिर भी मना करने पर बहस करते नजर आए। हालांकि कर्मियों के अडिग रहने पर वह अन्य लोगों से हेलमेट मांगते नजर आए।
दोपहर के 1.30 बजे मालवीय रोड स्थित भारत पेट्रोलियम पेट्रोल पंप पर पेट्रोल लेने के लिए दोपहिया वाहनों की लाइन नजर आई। यहां विनती करने पर बिना हेलमेट वालों को आसानी से पंप कर्मी पेट्रोल देते नजर आए।
दोपहर 1.45 बजे मालवीय रोड स्थित इंडियन ऑयल के पेट्रोल पंप पर नियमों के प्रति कर्मचारी शिथिल दिखे। प्रभूजोत सिंह गोल्डी बिना हेलमेट के दो पहिया वाहन में पेट्रोल लेने पहुंचे, तो पहले तो पंप कर्मियों ने नियम का हवाला देकर पेट्रोल देने से मना कर दिया। गोल्डी द्वारा सिक्ख होने का हवाला देने पर और पगड़ी की तरफ इशारा करने पर कर्मी मान गए।