विकास भवन कार्यालय पर शासी निकाय की बैठक में उपस्थित जनप्रतिनिधि।
शनिवार को विकास भवन में आयोजित शासी निकाय की बैठक में विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी जनप्रतिनिधियों के निशाने पर रहे। नलकूप विभाग के एक्सईएन से लेकर बीएसए तक सदस्यों के गुस्से का शिकार रहे। कप्तानगंज के विधायक प्रतिनिधि गुलाब सोनकर ने लोहिया आवास के पात्रों के चयन को लेकर सवाल खड़ा किया। कहा कि नियम कानून ऐसे बनाए गए है कि जनप्रतिनिधि चाहकर भी किसी भी गरीब को लोहिया आवास नहीं दे सकते। पीडी आरपी सिंह ने बताया कि लोहिया आवास सबसे पहले लोहिया समग्र ग्राम में दिया जा रहा है। एक समग्र ग्राम में 25 लोहिया आवास दिए जा रहे है।
एमएलसी देवेंद्र सिंह के प्रतिनिधि ने डूडा की ओर से रौतापार में बनवाई गई सड़क में गोलमाल का मामला उठाया तो सदन में मामले की जांच कर रहे एक्सईएन आरईडी वीवी सिंह ने कहा कि जांच के लिए समय तो दीजिए।
कैबिनेट मंत्री राजकिशोर सिंह के प्रतिनिधि खादिम हुसैन ने बीएसए से सवाल किया कि बेसिक शिक्षा समिति की बैठक क्यों नहीं करा रहे हैं। इसी प्रकार अन्य विभागों की ओर से जिला पंचायत अध्यक्ष की अध्यक्षता वाली बैठकें नहीं कराई जा रहीं है। इस पर बीएसए सहित अन्य अधिकारियों ने 15 दिन के भीतर बैठकें कराने का आश्वासन दिया। बनकटी के प्रमुख प्रतिनिधि ने विकास भवन में मौजूद टायलेट की ओर सदन का ध्यान दिलाया कहा कि जहां जिले के विकास की योजना बनती है, वहीं स्वच्छता नहीं है। बैठक में खराब पड़े नलकूपों का भी मामला उठा। एक्सईएन दीवान सिंह ने कहा कि इस समय 29 नलकूप यांत्रिक और विद्युत दोष से बंद है, जिन्हें ठीक कराने की कार्रवाई की जा रही है।
बैठक की अध्यक्षता कर रहे जिला पंचायत अध्यक्ष देवेंद्र प्रताप सिंह शानू ने कहा कि शासी निकाय की बैठक में जनप्रतिनिधियों की ओर से उठाया गया हर सवाल महत्वपूर्ण है। इसे अधिकारी गंभीरता से लें और समस्याओं का निस्तारण कराएं। इस मौके पर सीडीओ सोबरन सिंह, सांसद प्रतिनिधि आशीष शुक्ल, डीडीओ दुर्गादत्त शुक्ल, उपायुक्त मनरेगा अनिल सिंह, बीएसए, जिला समाज कल्याण अधिकारी रणविजय सिंह, एई डीआरडीएम प्रदीप सिंह, राज्य मंत्री रामकरन आर्य के प्रतिनिधि संतराम, गौर के प्रमुख प्रतिनिधि महेश सिंह, अरविंद पाल सहित सभी विभागों के अधिकारी व प्रमुख आदि मौजूद रहे।