वीवीपैट की पर्ची मामले में आयोग को भेजी गई रिपोर्ट
बस्ती। मंडी समिति स्थित स्ट्रांग रूम के पास वीवीपैट पर्ची मिलने के मामले में डीएम सौम्या अग्रवाल ने शनिवार को चुनाव आयोग को रिपोर्ट भेज दी है। इससे पहले उन्होंने पांचों विधानसभा क्षेत्रों के प्रत्याशियों और उनके एजेंटों के साथ बैठक भी की। जिसमें बताया गया कि प्रत्याशियों को मिले वोट की यह पर्चियां ईवीएम के रेंडमाइजेशन के दौरान हुए मॉक पोल की हैं। ऐसे में किसी तरह की गड़बड़ी होने का सवाल ही नहीं उठता है।
डीएम ने कहा कि आयोग के निर्देश के बाद संबंधित कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाएगी। क्योंकि इन पर्चियों को खुले में नहीं फेंका जाना चाहिए था। उल्लेखनीय है कि मंडी समिति परिसर में मतदान के बाद ईवीएम और वीवीपैट मशीनों को स्ट्रांग रूम में रखा गया है। स्ट्रांग रूम परिसर की बाउंड्री के पीछे शुक्रवार सुबह बच्चों को वीवीपैट पर्चियां मिलीं। बच्चे सैकड़ों की संख्या में पर्ची लेकर खेलने लगे। जब लोगों की नजर इस पर पड़ी तो हड़कंप मच गया। देखते-देखते लोगों की भीड़ बढ़ने लगी। स्ट्रांग रूम परिसर में एक होमगार्ड इधर-उधर बिखरी वीवीपैट पर्चियों को इकट्ठा करने लगा। जिसकी जानकारी मिलने के बाद गांव की महिलाएं, बच्चे उस होमगार्ड के साथ हाथापाई, मारपीट करने लगे। होमगार्ड ने जो वीवीपैट पर्ची इकट्ठा किया था उसको छीनने लगे। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। एसडीएम आनंद सिंह श्रीनेत ने मामले की जांच की और पर्चियों को अपने कब्जे में ले लिया। एसडीएम ने कहा कि चुनाव से पहले मॉकपोल में जो वोटिंग कराई जाती है ये उसी की पर्चियां लग रही हैं। इन पर्चियों को नष्ट कराना चाहिए था। पर्चियां इधर-उधर फेंकी गई हैं ये बड़ी लापरवाही है। डीएम ने बताया कि कलेक्ट्रेट सभागार में हुई बैठक में सभी प्रत्याशियों को संतुष्ट कर दिया गया है कि किसी तरह की गड़बड़ी नहीं हुई है। लेकिन, पर्चियों को बाहर फेंकना यह लापरवाही है। आयोग के निर्देश पर कार्रवाई की जाएगी।