मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी के आदेश के बाद कप्तानगंज ब्लॉक में एक ही पंचायत में वर्षों से जमे रहने वाले सेक्रेटरियों को हटा दिया गया है। इन पर कामचोरी, अनियमितता व राजनीति का आरोप है।
प्रभारी बीडीओ एवं परियोजना निदेशक डीआरडीए आरपी सिंह ने बताया कि जिन लोगों का हल्का बदला गया, वह आठ से नौ साल तक जमे हुए थे। साथ ही इन सभी के विरुद्घ अनियमित कार्य करने की शिकायतें भी मिल रही थी। बताया कि यह कार्रवाई पात्रों को लाभकारी योजनाओं का लाभ मिल सके और गांवों के विकास के लिए आए धन का शतप्रतिशत सदुपयोग हो सके, इस लिए की गई है। इस कार्रवाई को लेकर सेक्रेटरियों में खलबली मची हुई है। कुल 11 सेक्रेटरियों को हटाए गए हैं।
कप्तानगंज ब्लॉक में 63 ग्राम पंचायत है, इनमें 11 सचिवों के ऐसे हैं जिनके जिम्मे आठ से दस ग्राम पंचायत का प्रभार है। यह सभी पिछले आठ से दस साल से जमे हुए हैं। हालात यह है कि एक सेक्रेटरी को दूसरे ग्राम पंचायत में जाने के लिए महीने भर लग जाता है।