- शासन स्तर पर चल रही थी जांच, चार साल पहले निविदा में हुआ था खेल
- 40 करोड़ के फर्जी भुगतान में दो एई और एक एक्सईएन पहले हो चुके हैं बर्खास्त
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। चार पहले पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड में हुए 40 करोड़ के फर्जी भुगतान के मामले में कार्रवाई की गाज अब ठेकेदारों पर गिरी है। शासन स्तर पर लंबे समय से जांच चल रही थी। इस मामले में दो तत्कालीन एई और एक एक्सईएन पहले ही बर्खास्त किए जा चुके हैं। शासन के निर्देश पर 13 ठेकेदारों का पंजीकरण भी निरस्त करते हुए सभी को ब्लैक लिस्टेड घोषित कर दिया गया है।
लोक निर्माण विभाग में बुधवार को एक बार फिर हलचल बढ़ गई। जिले के चर्चित ठेकेदारों का पंजीकरण समाप्त होने और उन्हें ब्लैक लिस्ट में शामिल किए जाने की चर्चाएं दिन भर चली। विभागीय अधिकारी, कर्मचारी और ठेकेदार सभी इस खबर की पुष्टि के लिए एक दूसरे से तस्दीक करते रहे। वहीं डीएम अंद्रा वामसी ने स्वयं इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि पीडब्ल्यूडी विभाग के लखनऊ, गोरखपुर तथा बस्ती क्षेत्र में पंजीकृत जिले 13 ठेकेदारों का पंजीकरण निरस्त कर दिया गया है। संबंधित ठेकेदार ब्लैक लिस्ट भी किए गए हैं।
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कार्रवाई की जद में आए यह ठेकेदार
डीएम के अनुसार पंजीकरण समाप्त एवं ब्लैक लिस्ट में शामिल किए जाने वाले ठेकेदारों में गोविंद माधव कांस्ट्रक्शन कंपनी, न्यू हवेली, जनार्दन पाठक ग्राम खरहटिया, मेसर्स एटी कंस्ट्रक्शन शामिल है। इनका पंजीकरण प्रमुख अभियंता लखनऊ कार्यालय से था। जबकि गोरखपुर क्षेत्र में पंजीकृत मेसर्स शिव शक्ति कंपनी, मे. शिव कंस्ट्रक्शन कंपनी, में. चौधरी कंस्ट्रक्शन ग्राम रमवापुर, मे. तारा कंस्ट्रक्शन आवास विकास कॉलोनी, मे. शिक्षा शक्ति कंस्ट्रक्शन ग्राम गाना, प्रेम सागर गुप्ता ग्राम गौरा, जयप्रकाश सिंह, सत्येंद्र बहादुर सिंह तथा संजय कुमार सिंह शामिल हैं।
यह लोग हो चुके हैं बर्खास्त
वर्ष 2018 में पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड में 40 करोड़ रुपये के फर्जी भुगतान का मामला पकड़ में आया था। शासन ने इस पर जांच शुरू करा दी। तत्कालीन अधिशासी अभियंता अलोक रमन निलंबित कर दिए गए थे। जांच में दोषी पाए जाने पर उन्हें और तत्काली एई एके आर्या और वीके राम को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। जबकि इस मामले में आरोपी दो जेई पर कार्रवाई अभी शासन स्तर पर ही विचाराधीन है।