बस्ती। आरटीई पोर्टल पर पंजीकरण न करने वाले स्कूलों की मान्यता पर खतरा मंडरा रहा है। इसके तहत प्रवेश लेने वाले छात्रों का विवरण पोर्टल पर अपलोड नहीं करने वाले गैर सहायता के मान्यता प्राप्त विद्यालयों को बीएसए ने कड़ी चेतावनी जारी की है। प्रबंधकों एवं प्रधानाचार्यों को जारी नोटिस में कहा है कि निशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार के तहत सत्र 2025-26 में प्रवेशित छात्रों का विवरण अब तक कई विद्यालयों ने पोर्टल पर अपलोड नहीं किया है। शासनादेश के तहत 25 प्रतिशत सीटों पर अलाभित समूह एवं दुर्बल आय वर्ग के बच्चों को प्रवेश देना अनिवार्य है। फिर भी 839 मान्यता प्राप्त विद्यालयों में से सिर्फ 761 विद्यालयों ने ही पंजीकरण कराया है। शेष विद्यालयों ने पोर्टल पर जानकारी अपलोड नहीं की है।
बीएसए अनूप कुमार ने बताया कि अब तक जिले में 349 उन छात्रों का विवरण पाेर्टल पर अपलोड नहीं किया है जिन गरीब छात्र-छात्राओं को प्रवेश गैर सहायतित मान्यता प्राप्त विद्यालयों में होना था। इसे शासन ने गंभीर लापरवाही मानते हुए शिक्षा के अधिकार से वंचित करने का प्रयास करार दिया है। बीएसए ने नोटिस में कहा है कि सीबीएसई या आईसीएसई बोर्डों से कक्षा 9 से 12 तक की मान्यता प्राप्त करने के लिए विद्यालयों को पहले बेसिक शिक्षा विभाग से कक्षा 1 से 8 तक की मान्यता आवश्यक है। आरटीई के प्रावधानों का अनुपालन भी मान्यता की शर्तों में शामिल है। यदि विद्यालय शासन के निर्देशों का पालन नहीं करते हैं तो उनकी मान्यता रद्द की जा सकती है।
बीएसए अनूप कुमार ने बताया कि इस संबंध में सभी विद्यालय प्रबंधकों और प्रधानाचार्यों को अंतिम चेतावनी देते हुए 25 अगस्त 2025 तक का समय दिया गया है। यदि तय समय सीमा तक पंजीकरण एवं छात्रों का विवरण पोर्टल पर अपलोड नहीं किया गया तो विद्यालयों की मान्यता समाप्त करने के लिए कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।