राशन कार्ड से जुडे़गा प्रवासियों का नाम
बस्ती। गैर प्रांत से घरों को लौटे प्रवासियों को पीडीएस से जोड़ा जाएगा। शासन के निर्देश पर प्रशासन ने योजना के बेहतर क्रियान्वयन की रणनीति बनाई है। प्रवासियों के परिवार यदि गांव में रहते हैं तो राशन कार्ड में उनके साथ नाम जोड़कर प्रति शख्स को तीन किलो गेहूं व दो किलो चावल के अलावा एक किलो चना दिया जाएगा। पहले चरण में यह व्यवस्था दो माह के लिए है। हालांकि, भविष्य में योजना कैसे संचालित होगी, इसकी कार्ययोजना अभी नहीं बन पाई है।
जिले में अब तक करीब चालीस हजार प्रवासियों की सूची प्रशासन के पास है। इन सभी को आत्मनिर्भर भारत के माध्यम से अनाज उपलब्ध कराया जाएगा। जिले के प्रवासी परिवारों को योजना में राहत देने की कवायद शुरू हो गई है। ग्रामीण इलाकों में गैर प्रांतों से आने वालों को सूचीबद्ध किया जा रहा है। ग्राम पंचायत अधिकारी कोटेदारों से मिलकर सूची का सत्यापन करेंगे। जिन प्रवासियों के परिवार का राशन कार्ड पहले से है और उसमें संबंधित का नाम नहीं है तो उससे आवेदन लेकर उसी कार्ड में नाम जोड़ दिया जाएगा।
डीएम आशुतोष निरंजन ने बताया कि जिले में अब तक चालीस हजार प्रवासी आ चुके हैं। इनकी स्क्रीनिंग कराकर होम क्वारंटीन किया गया है। इनके भोजन की व्यवस्था के लिए शासन ने आत्मनिर्भर भारत के तहत आर्थिक पैकेज के माध्यम से अनाज उपलब्ध कराने की व्यवस्था बनाई है, जिसके लिए पूर्ति विभाग व विपणन शाखा को निर्देशित किया गया है। उम्मीद है कि एक जून से ऐसे लोगों को राशन दिया जाएगा। इन्हें प्रति व्यक्ति तीन किलो गेहूं व दो किलो चावल निशुल्क देने की व्यवस्था बनाई गई है। जबकि प्रत्येक कार्ड पर एक किलो चना की भी व्यवस्था की गई है। जिनके परिवारों में कार्ड है, मगर प्रवासी का नाम नहीं है उनका नाम उसी कार्ड में शामिल कर लिया जाएगा, जबकि कार्ड से वंचित लोगों को फार्म भरवाकर योजना का लाभ दिया जाएगा।