चिलवनिया हत्याकांड: पुश्तैनी मकान के सामने बंजर की जमीन में आरोपी ने बना रखा है घर
उसी के सामने पुराने कच्चे घर का मलबा पाटते समय प्रवेश कुमार सिंह ने टोका था
लालगंज क्षेत्र के चिलवनिया गांव में बुधवार को सुबह आठ बजे हुई थी घटना
संवाद न्यूज एजेंसी
महादेवा (बस्ती)। लालगंज थाना क्षेत्र के चिलवनिया गांव में जिस दो फीट जमीन के लिए भाई की हत्या की गई वह मकान बंजर में बना है। उसी के सामने दक्षिण तरफ रास्ता निकालने पर बड़े भाई से काफी दिनों से रार चल रही थी। हत्यारोपी पुश्तैनी कच्चे मकान का मलबा लाकर उसी रास्ते की तरफ पाट रहा था। बड़े भाई प्रवेश कुमार सिंह ने टोका कि अपनी हद में रहकर मिट्टी पाटो। उनका टोकना हत्यारोपी और उसके बेटों को नागवार गुजरा।
मुख्य आरोपी के बेटे ने ईंट फेंक कर प्रवेश के सीने पर मारा। इससे वह पीछे की तरफ गिर गए। सिर में ईंट लगने के कारण वह बेहोश हो गए। बाद में मौत हो गई। इसके बाद परिवार के अन्य लोगों को भी मारापीटा। घर पर पहुंचे कई रिश्तेदार भी बताने लगे कि आरोपी की गैर वाजिब जिद की वजह से इतनी बड़ी घटना हो गई। घर पर पुलिस तैनात है।
उधर, पुलिस ने नामजद किए गए आठ में से दो महिला समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इनमें राजमणि सिंह, उसके पुत्र विवेक सिंह, विशाल सिंह के अलावा बबलू उर्फ तेज प्रताप सिंह, रीमा सिंह पत्नी तेज प्रताप सिंह, उर्मिला सिंह पत्नी राजमणि सिंह को गिरफ्तार कर न्यायालय भेज दिया। शिव प्रताप सिंह व शिवम सिंह फरार हैं। घायलों की चोटों का बृहस्पतिवार को मेडिकल किया गया।
बता दें कि चिलवानिया गांव में बुधवार सुबह 70 वर्षीय प्रवेश कुमार सिंह के छोटे भाई राजमणि सिंह मिट्टी पाट रहे थे। राम प्रवेश सिंह कहने लगे कि उसकी जमीन की तरफ क्यों मिट्टी पाट रहे हैं। इस बात पर दोनों भाइयों में कहासुनी होने लगी। विवाद बढ़ने लगा, तभी राजमणि सिंह के सभी पुत्र मौके पर आ गए और देखते ही देखते लाठी-डंडा, ईंट-पत्थर चलने लगे। प्रवेश कुमार सिंह के सिर में चोट लगने सें वह गिरकर बेहोश हो गए।
उनके पुत्र अनिल सिंह, माता प्रसाद, देवी प्रसाद व धीरेंद्र सिंह तथा पत्नी सरोज देवी भी गंभीर रूप से घायल हो गईं। अनिल सिंह ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस आने की आहट पाकर राजमणि सिंह और उनके पुत्र वहां से फरार हो गए। पुलिस की मदद से घायलों को जिला अस्पताल भेजा गया। जहां डॉक्टरों ने रामप्रवेश सिंह को मृत बताया। पोस्टमार्टम में ब्रेन हैमरेज और सीने की दो पसली टूटने की वजह से मौत होने की बात बताई गई है।
...
शादी की वजह से गाड़ दिया गया शव
मृतक राम प्रवेश सिंह के घायल पुत्र माता प्रसाद सिंह की आंबेडकरनगर जिले के बसखारी के मोतिगरपुर में राजेश सिंह उर्फ राजू सिंह की पुत्री मधु सिंह से शादी तय है। 11 मार्च को मोतिगरपुर के चौधरी मैरिज हॉल में बरात जानी है। दोनों पक्षों ने सारी तैयारी कर रखी है। इसी बीच यह घटना हो गई। रिश्तेदारों ने समझाया कि दाह संस्कार कर देने के बाद शादी टालनी पड़ेगी। ऐसे में प्रवेश कुमार सिंह के शव को जलाने के बजाय मिट्टी में गाड़ने का निर्णय लिया गया। शाम करीब छह बजे कुआनो नदी के किनारे शव मिट्टी में गाड़ दिया गया है। शादी संपन्न होने के बाद अंतिम संस्कार और क्रियाकर्म आदि किया जाएगा।
...
सात साल से दोनों भाइयों में नहीं था खानपान
जंगबहादुर सिंह के चार बेटों में सबसे भानू सिंह और सूर्य प्रकाश सिंह अलग-अलग मकान बनवाकररहते हैं। जबकि प्रवेश सिंह और राजमणि सिंह पुश्तैनी मकान में रहते थे। 2016 में प्रवेश कुमार सिंह ने अपने मकान की दीवार खड़ी की, लेकिन छत लगने की बारी आई तो राजमणि सिंह ने अड़ंगा लगा दिया। तभी से दोनों भाइयों और उनके परिवार के बीच खानपान बंद हो गया। बाद में राजमणि सिंह ने घर के सामने बंजर में अलग मकान बना लिया। उस मकान के पीछे और पुश्तैनी मकान के पीछे आम रास्ता मिला हुआ है। मगर, राजमणि सिंह अपने नए मकान से दक्षिण प्रवेश सिंह के हिस्से की जमीन में होकर रास्ता चाह रहा था।