बस्ती/गौर। किशोरी से दरिंदगी मामले में लगातार सवालों से घिरे गौर के थानेदार ब्रिजेंद्र प्रसाद पटेल को हटा दिया गया। पीड़ित परिवार विवेचना में ढिलाई और आरोपियों से नजदीकी का आरोप लगा रहा था। साथ ही केस की तफ्तीश बदलने की मांग की जा रही थी। आईजी के जनसंपर्क अधिकारी रहे राज कुमार पांडेय को अब गौर थाने की कमान सौंपी गई है। वही अब इस केस की तफ्तीश करेंगे। इसे लेकर पीड़ित परिवार दो दिन से एसपी गोपाल कृष्ण चौधरी से मुलाकात करने की कोशिश कर रहा था।
शनिवार को भी सुबह 10 बजे उन्हें एसपी दफ्तर बुलाया गया था। एसपी से मिलने आए मृतका के पिता, चाचा और अन्य लोगों ने बताया कि उन लोगों के पहुंचने से पहले ही एसपी थाना समाधान दिवस में शामिल होने जा चुके थे। उन लोगों की फोन पर एएसपी दीपेंद्र नाथ चौधरी से वार्ता हुई, जिसमें एएसपी ने थाने पर आकर उन लोगों से मुलाकात करने का आश्वासन दिया है। गौर से हटाए गए ब्रिजेंद्र पटेल को लालगंज थाने का एसओ बनाया गया है।
...तो कुंदन के दरवाजे पर टांग दो साइकिल
- दरिंदगी की शिकार किशोरी की साइकिल घटना स्थल के पास पड़ी होने की बात सामने आने के बाद शनिवार को गौर थाने के तत्कालीन एसएचओ ने परिवार वालों को फोन किया। उसके पिता का कहना है कि एसएचओ ने उनसे साइकिल घर ले जाने को कहा, लेकिन उन्होंने कह दिया कि इसका हम लोग क्या करेंगे। अगर जांच में इसकी कोई अहमियत नहीं है तो ले जाकर कुंदन सिंह के दरवाजे टांग दीजिए।
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परिजनों से मिला कांग्रेस का प्रतिनिधि मंडल
- कांग्रेस पार्टी के प्रतिनिधि मंडल ने दरिंदगी में जान गंवाने वाली गौर थानाक्षेत्र की किशोरी के परिवार वालों से शनिवार को मुलाकात की। कांग्रेस नेताओं ने परिवारी जनों से वार्ता कर उन्हें न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया। कहा कि यह बर्बरता की पराकाष्ठा है। दोषियों को फास्ट ट्रैक कोर्ट से त्वरित सजा दिलाने, परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराने और सरकार से 50 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की। नेतृत्व कर रहे प्रदेश उपाध्यक्ष ने बताया कि प्रतिनिधि मंडल की रिपोर्ट प्रदेश कार्यालय को भेजी जाएगी। इसके बाद पार्टी इस विषय पर बड़े आंदोलन का निर्णय लेगी।
प्रतिनिधि मंडल में शामिल नेताओं ने पार्टी कार्यालय में प्रेसवार्ता की। आरोप लगाया कि भाजपा की सरकार में बहू-बेटियां सुरक्षित नहीं हैं। इस जघन्य हत्याकांड पर सरकार और प्रशासन का बुल्डोजर इस नाते खामोश है क्योंकि अभियुक्त भारतीय जनता पार्टी से जुड़े हैं। इस दु:खद घटना से एक बार फिर भाजपा का चाल, चेहरा, चरित्र सामने आ गया है। प्रतिनिधि मंडल में प्रदेश उपाध्यक्ष व प्रभारी दिग्विजय सिंह, कांग्रेस अध्यक्ष ज्ञानेंद्र पांडेय ‘ज्ञानू’, पूर्व विधायक अंबिका सिंह, देवेंद्र श्रीवास्तव, महिला कांग्रेस अध्यक्ष डा. शीला शर्मा, नर्वदेश्वर शुक्ल, विश्वनाथ चौधरी, गिरजेश पाल, अमित सिंह, नीलम विश्वकर्मा, मंजू पांडेय, शौकत अली ‘नन्हू’, राकेशमणि त्रिपाठी, अवधेश सिंह, बीरेश सिंह, मनीष सिंह, राकेश पांडेय गांधियन, राजन सिंह, आलोक तिवारी, शिवाकान्त तिवारी, फिरोज खान, संजीव त्रिपाठी, ननकू सोनकर, प्रदीप चौधरी, गुड्डू सोनकर आदि शामिल रहे।
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सोमवार को हुई थी घटना
- घर से सब्जी लाने निकली गौर थानाक्षेत्र की 14 वर्षीय किशोरी का एक किलोमीटर दूर बिरऊपुर के पास सोमवार रात को खून से लथपथ शव मिला था। उसके साथ दरिंदगी की बात सामने आई थी। सूचना पर पहुंचे परिवार के लोग जिंदा होने की उम्मीद में पास के एक निजी डाक्टर के पास ले गए, लेकिन डाक्टर ने बताया कि उसकी करीब घंटे भर पहले ही मौत हो चुकी है। इसके बाद परिवार के लोग शव लेकर घर चले गए। पोस्टमार्टम में अप्राकृतिक दुष्कर्म की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने केस में नाबालिग के साथ सामूहिक दुष्कर्म और पॉक्सो की धारा को शामिल किया। इस मामले में राजन निषाद, कुंदन सिंह और एक नाबालिग को पुलिस ने गिरफ्तार कर चुकी है।
कुंदन से भाजपा ने झाड़ा पल्ला
- दरिंदगी के आरोपी कुंदन सिंह से भाजपा ने फिर पल्ला झाड़ लिया है। क्षेत्र में लगाए गए शुभकामना पोस्टर और पूर्व में गौर ब्लाक के किसान मोर्चा का उपाध्यक्ष पद पर हुई नियुक्ति के आधार पर उसके भाजपा से जुड़ा होने की बात की जा रही थी। लेकिन शनिवार को भाजपा जिलाध्यक्ष महेश शुक्ल ने बताया कि पिछले विधानसभा चुनाव में पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते उसे पद व सदस्यता से निकाल दिया गया था। तभी से उसका पार्टी से कोई नाता नहीं है।