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रामोत्सव शोभा यात्रा में राष्ट्रवादी नारे लगे

Sun, 10 Apr 2016 12:24 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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हर्रैया में विश्व हिंदू परिषद ने नव वर्ष पर निकाली शोभा यात्रा। - फोटो : राजेश ‌
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बस्ती। हिंदू नव वर्ष के अवसर पर जगह-जगह कार्यक्रम आयाेजित हुए। विहिप सहित अन्य आनुषांगिक संगठनों ने शनिवार को हर्रैया कस्बे में रामोत्सव शोभा यात्रा निकाली। नगर बाजार स्थित अमर शहीद राजा उदय प्रताप सिंह शहीद स्थली राजकोट दुर्गा मंदिर के परिसर में आयोजित हिन्दू नव वर्ष अभिनन्दन समारोह हुआ।
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हर्रैया कस्बे में विहिप के कार्यकारी जिलाध्यक्ष दिनेश मिश्रा ने कार्यक्रम का नेतृत्व किया। कस्बे डाक बंगले के पास एकत्रित सैकड़ों लोगों ने हाथों में बैनर लिए हुए समूचे कस्बे में शोभा यात्रा निकाल कर हिंदुत्व व राष्ट्रवादी नारे लगाए। इस मौके पर शिवाला घाट पर शोभा यात्रा के समापन पर दिनेश मिश्रा ने कहा कि भगवान श्रीराम का अवतार आसुरी शक्तियों के विनाश व धर्म की स्थापना के लिए हुआ था। भगवान श्रीराम के आदर्शो पर चलकर ही अच्छे और मजबूत समाज का निर्माण हो सकता है।

मातृ शक्ति की प्रांतीय संयोजक कविता त्रिपाठी ने भारतीय हिंदू नव वर्ष मनाए जाने पर जोर देते हुए कहा कि पंश्चिमी सभ्यता का प्रभाव हमारे हिंदू समाज के लिए घातक है। हमे अपने रीति रिवाज धर्म व परंपराओं के साथ विकास करना है क्योंकि भारतीय संस्कृति व संस्कार का कोई दूसरा उदाहरण संसार के किसी देश व धर्म में नही दिखता। इस मौके पर रोहित दुबे अवधेश ओम प्रकाश राजेश द्विवेदी ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी राज मणि अनिल पाठक आशीष विवेक प्रकाश सिंह सहित अन्य मौजूद रहे।
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नगर बाजार स्थित अमर शहीद राजा उदय प्रताप सिंह शहीद स्थली राजकोट दुर्गा मंदिर के परिसर में आयोजित हिन्दू नव वर्ष अभिनन्दन समारोह में हिन्दू जागरण मंच के प्रदेश संगठन मंत्री संजीव ने बतौर मुख्य अतिथि कहा कि भारतीय संस्कृति समूचे विश्व का कल्याण करने वाली है। यह विचार व्यक्त किया।  जिलाध्यक्ष नंदीश्वरदत्त ओझा ने कहा कि समूचे विश्व को शिक्षा देने वाली इस संस्कृति से ही हमारा राष्ट्र विश्व गुरु  रहा है। 1 जनवरी को नव वर्ष मनाया जाना गुलाम मानसिकता का प्रतीक है।

हिंदू नव वर्ष चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को त्यौहार के रूप में मनाए जाने की जरूरत है। वरिष्ठ प्रांतीय उपाध्यक्ष राजा त्रिपाठी ने कहा कि विदेशी परंपरा का बहिष्कार कर भारतीय मूल संस्कृति की ओर लौटने पर ही राष्ट्र की उन्नति संभव है। प्रदेश कार्य समिति सदस्य विकास बरनवाल  ने कहा कि हजारों वर्ष के गुलामी खंड में हम आत्मविस्मृति के शिकार हो गए हैं। विदेशी सभ्यता के अंधानुकरण को  छोड़ सत्व बोध की आवश्यकता है। काल गणना का आविष्कार भारत में हुआ। चैत्र शुक्ल प्रतिपदा हमारी लोक चेतना की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष नंदीश्वरदत्त ओझा, संचालन महामंत्री डा. अनिल श्रीवास्तव ने किया। समारोह में जिला संपर्क प्रमुख विवेक प्रताप  सिंह, विधि प्रमुख विनोद मणि, जिला उपाध्यक्ष टिड्डू चौधरी, जिला मंत्री महेश गुप्ता, परमानंद, विनोद गुप्ता, महेश रावत, शैलेंद्र चतुर्वेदी, अनिल चौरसिया, घनश्याम प्रजापति, कामेंद्र चौहान, छोटू चौहान, हरिश्चंद्र कश्यप, कोदई गुप्ता, आरडी गौड, आशीष शुक्ल आदि थे।
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