नियामतपुर में शुरू हुई रामलीला, विश्व मोहिनी ने स्वयंवर में नारद को चुना
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। विक्रमजोत क्षेत्र के नियामतपुर गांव में रविवार को नवयुवक दुर्गा पूजा व रामलीला समिति की तरफ से रामलीला का शुभारंभ ब्लॉक प्रमुख कृष्ण कुमार सिंह ने किया। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम के आचरण को खुद में उतारने व उनके आदर्शों पर चलकर जीवन को धन्य बना सकते हैं। रामलीला के पहले दिन स्थानीय कलाकारों ने नारद मोह व श्रवण कुमार के वध का मंचन किया।
कलाकारों ने दिखाया कि देव ऋषि नारद तपस्या में लीन हैं, इतने में इंद्र का सिंहासन हिलने लगता है। इंद्र घबराते हुए अपने गणों को भेजकर नारद की तपस्या भंग कराने का प्रयास करते हैं। हालांकि नारद इससे पहले ही तपस्या पूरा कर लेते हैं। इस बात का उन्हें अभिमान हो जाता है। उनका अभिमान तोड़ने के लिए भगवान विष्णु माया रूपी नगर की रचना करते हैं और वहां एक शीलनिधि नाम का राजा बनाते हैं। राजा की पुत्री विश्व मोहिनी का स्वयंवर रचा जाता है। उसी बीच देव ऋषि नारद भ्रमण करते हुए राजा शीलनिधि के दरबार में पहुंचते हैं।
राजा देव ऋषि नारद से अपनी पुत्री के गुण दोषों के बारे में पूछते हैं जिसे देख नारद भ्रमित हो जाते हैं और विश्व मोहिनी के स्वयंवर में शामिल होने के लिए भगवान से श्रीहरि का रूप मांगते हैं। इसके बाद श्रीहरि का रूप धारण कर देव ऋषि नारद विश्वमोहनी के स्वयंवर में शामिल होते हैं जिसे देख भगवान शिव के गण देव ऋषि नारद का मजाक उड़ाते हैं। अंत में विश्व मोहिनी श्रीहरि का वरण करती है। यहीं पर परदा गिर जाता है और मंचन समाप्त हो जाता है। कमेटी प्रबंधक डाॅ. राजेंद्र प्रसाद द्विवेदी ने बताया कि हर साल नवरात्र से रामलीला का मंचन शुरू होता है। कलाकारों में श्याम शंकर पाल ने नारद, श्याम बिहारी यादव कामदेव, परशुराम मौर्य दशरथ, श्रवन यादव श्रवण व राधे श्याम सविता के रुप में अभिनय किया।