हर्रैया। कस्बे के रामलीला मैदान में बृहस्पतिवार को 10 दिवसीय रामलीला का मंचन शुरू हो गया। पहले दिन नारद मोह का भावपूर्ण मंचन देख श्रद्धालु भावविभोर हो गए। विधायक कविंद्र चौधरी ने चेयरमैन कौशलेंद्र प्रताप सिंह के साथ गणेश पूजन और भगवान राम व माता जानकी की आरती कर शुभारंभ किया।
वृंदावन से आए कलाकारों ने माता पार्वती के भगवान राम को लेकर हुए भ्रम की कथा का मंचन किया। भगवान शिव ने माता पार्वती के प्रभु श्री राम के प्रति उपजे संदेह को दूर करने वृतांत सुनाया। इसके बाद नारद मोह की लीला प्रारंभ हुई। नारदजी ने उत्तम स्थान पर बैठकर भगवान हरि की तपस्या करने लगते हैं। इससे इंद्र का सिंहासन हिलने लगता है। इंद्र उनकी तपस्या भंग करने के लिए अप्सराओं को भेजते हैं। रंभा, उर्वशी आदि अप्सराएं भी नारद जी की तपस्या भंग नहीं कर पातीं। कामदेव भी नारद जी की तपस्या को भंग नहीं कर पाते। इससे नारद मुनि को अंहकार हो जाता है। नारद जी का घमंड तोड़ने के लिए भगवान ने हरि रूप यानी बंदर का रूप प्रदान किया। इसकी जानकारी होने पर नारद जी क्रोधित हो गए और उन्होंने भगवान को शाप दिया कि वह भी पत्नी के लिए वन-वन भटकेंगे, तब यही बानर आपकी मदद करेंगे। संयोजक रविंद्र नाथ पांडेय, विनय सिंह, राजेश पांडेय, सौरभ सिंह मंटू, संगल चौहान, धर्म ध्वज सिंह आदि मौजूद रहे।