छावनी। पितृपक्ष में रामरेखा मंदिर परिसर में पितरों के निमित्त चल रही श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन शुक्रवार को कथा व्यास पं. धर्मेंद्र धर द्विवेदी ने भगवान के अवतारों और कृष्ण जन्म की कथा सुनाई। कहा कि अब तक भगवान के कुल 24 अवतारों में राम और कृष्ण का अवतार प्रमुख है। राम का चरित्र अनुकरण और कृष्ण का चरित्र पूजनीय है। भगवान संतों और भक्तों की मनोकामना को पूर्ण करने आते हैं। कथा व्यास ने भगवान कृष्ण के जन्म की कथा सुनाई। कृष्ण जन्म उत्सव धूमधाम से मनाया गया। मंगलगीत, सोहर, भजन आदि गाए गए। दुर्गेश धर द्विवेदी, रमाकांत सिंह, रजनीश मिश्रा, एके सिंह, अजीत कुमार सोनी, गोपाल सोनी, अंगद मिश्रा, राम सागर तिवारी आदि मौजूद रहे। संवाद