बस्ती। गौर थाना क्षेत्र के छितही गांव के राम कुमार हत्याकांड का पुलिस ने बृहस्पतिवार को पर्दाफाश कर दिया। गिरफ्तार की गई बहू का कबूलनामा सुनकर हर किसी ने दांतों तले अंगुलियां दबा लीं। बहू सावित्री ने पुलिस को बताया कि ससुर राम कुमार के गले पर चइला ( लकड़ी) रखकर महज इसलिए दबा दिया, क्योंकि वह बीमार ससुर की सेवा और इलाज सेआजिज आ चुकी थी। आदत से मजबूर राम कुमार अक्सर अपशब्द भी कहा करते थे। सोमवार की देर शाम सावित्री के पति, पिता को खाना खिलाकर गांव वाले घर पर जाते ही उसने हत्या कर दी और चइला जलाकर अलाव ताप लिया।
एसपी गोपाल कृष्ण चौधरी ने एएसपी ओपी सिंह के साथ प्रेसवार्ता के दौरान बताया कि पुलिस को पहले दिन से ही राम कुमार की बहू सावित्री देवी पत्नी जगराम यादव पर शक था। केस के पर्दाफाश के लिए थाने की टीम के अलावा स्वॉट, एसओजी, सर्विलांस टीम को भी लगाया गया था। जांच-पड़ताल के बाद बुधवार की रात को सावित्री को गिरफ्तार कर लिया गया।
एसपी के मुताबिक सावित्री ने बताया कि वह अपने ससुर के सेवा, दवा-इलाज से तंग आ गई थी। साफ-सफाई आदि उसे ही करना पड़ता था। ऐसे में पति जगराम जब ससुर को शाम करीब सात बजे खाना खिलाकर मड़ई से गांव के घर पर खाना खाने चले गए तब उसने ससुर के गले पर कुल्हाड़ी से चीरी हुई लकड़ी से दबाकर उनकी जान ले ली। पर्दाफाश करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक गौर उपेंद्र कुमार मिश्रा, प्रभारी चौकी बभनान धर्मेंद्र तिवारी, प्रभारी स्वाॅट उमाशंकर त्रिपाठी, प्रभारी एसओजी गजेंद्र प्रताप सिंह, एसआई विनय प्रताप सिंह, हेड कांस्टेबल धीरेंद्र दूबे, कांस्टेबल मुंगेरी लाल, प्रिंस कुमार, मीरा यादव शामिल रहीं।
मनगढ़ंत कहानी बताकर फंस गई सावित्री
ससुर की हत्या करके शोर मचाने वाली सावित्री की मनगढ़ंत कहानी ने सारी पोल पट्टी खोलकर रख दी। उसका यह कहना है कि एक व्यक्ति चद्दर ओढ़कर आए किसी डरावने शख्स ने उसके ससुर की गला रेतकर हत्या कर दी। उसकी यह कहानी किसी के गले नहीं उतर रहा था। उसने यहां तक कहा था कि वह व्यक्ति आने के बाद पहले उसे उठाकर दूर फेंक दिया और वह डरकर भाग गई। मगर, चेहरा नहीं देख पाई। पुलिस को यहीं से ज्यादा संदेह हुआ। बाकी कसर पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने खोल दी, जिसमें दम घुटने से मौत की पुष्टि हुई। गला रेतने जैसी कोई बात सामने नहीं आई। बुधवार को पुलिस ने जब इसके बारे में कड़ाई से पूछताछ की तो सावित्री टूट गई और कबूल कर लिया कि उसने झूठी कहानी बताई थी।
पति को भी अंधेरे में रखा
इस हत्याकांड में सावित्री का किरदार उसके नाम के बिल्कुल विपरीत सामने आया। इस सावित्री ने अपने ससुर की गला घोंटकर हत्या करने के बाद पति जगराम को भी अंधेरे में रखा। जगराम से भी उसने यही बताया था कि चद्दर ओढ़कर डरावना वेश बनाकर एक व्यक्ति आया और बुढ़ऊ की गला रेतकर हत्या करके भाग गया। पुलिस की पूछताछ में जगराम ने बताया कि उसने सावित्री से कई बार पूछा कि उसका चेहरा कैसा था, तो वह बताती रही कि उसे उठाकर दूर फेंक दिया था। जिससे वह डरकर शोर मचाते हुए भाग गई थी। मंगलवार तक उसने यही कहानी बताई। बताया कि अपने पिता की सेवा वह खुद करता था। सपने में भी अंदाजा नहीं था कि सावित्री उसके पिता की जान ले लेगी।
भूत-प्रेत बताकर पहले भी दबा चुकी थी गला
राम कुमार का इससे पहले दो बार गला दबाया गया था। बिस्तर पर लेटने के दौरान डरावना सा व्यक्ति आकर उसका गला दबाकर भाग जाता था। सावित्री ही हरी बार शोर मचाती थी कि भूत आकर उसके ससुर का गला दबाता है। पहले लोग इसे सावित्री का वहम मानते थे। बृहस्पतिवार को इसका खुलासा हुआ कि सावित्री ही भूत बनकर अपने ससुर का गला घोंटने का रिहल्सल कर रही थी।
यह थी घटना
- मूल रूप से नगर पंचायत बभनान के आदिशक्ति नगर वार्ड निवासी राम कुमार यादव के पिता माताराम को छितहां गांव में नेवासा मिला हुआ था। वह घर से 50 मीटर दूर झोपड़ी में रहते थे। सोमवार की रात वह झोपड़ी में सो रहे थे। बगल में उनकी बहू सावित्री अलाव ताप रही थी। उसने अचानक शोर मचाया। कहा कि कोई चद्दर ओढ़कर आया और उसे उठाकर फेंक दिया। वह डरकर भागी। कुछ देर बाद लौटकर आई तो देखा कि उसके ससुर की धारदार हथियार से गला रेत कर हत्या कर दिया गया था।