बेझिझक रखें अपनी बात, हर कोई देगा आप का साथ
बस्ती। आप अपनी बात बेझिझक बताएं। घर में माता-पिता से स्कूल में शिक्षक से। खुद भी प्रतिकार करें। निश्चित ही मनबढ़ भागेंगे। यह सीख अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से महिला सशक्तीकरण पर वक्ताओं ने दिए। कार्यक्रम के दौरान पुलिस क्षेत्राधिकारी अनिल कुमार सिंह ने आत्म सुरक्षा के टिप्स भी दिए।
गौतम बुद्ध मुराली देवी बालिका इंटर कॉलेज गोटवा में बृहस्पतिवार को महिला सशक्तीकरण में पुलिस की भूमिका विषयक संगोष्ठी आयोजित की गई। अपराजिता मुहिम के तहत आयोजित कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सीओ कलवारी अनिल सिंह ने कहा कि कई ऐसी योजनाएं पुलिस विभाग की ओर से संचालित हैं। पॉवर एंजिल के अलावा 1090, डायल 112 आदि की सेवा महिलाओं की सुरक्षा के लिए है। जिस पर फोन करते ही मदद में नजदीकी पुलिस स्टॉफ पहुंचेगा और पूरी मदद करेगा। इसके अलावा एप भी डेवलेप है जो महिला उत्पीड़न मामलों में हुई कार्रवाई को बताता है। प्रभारी निरीक्षक नगर संजय नाथ तिवारी ने कहा कि विषम परिस्थितियों में पुलिस आप के साथ है। आवश्यकता है कि आप बेझिझक बताएं। यदि राह में आप के साथ कोई बात होती है तो पुलिस के पहुंचने तक मनबढ़ों को उलझाए रखें। आप के प्रतिरोध से मनबढ़ों के हौसले पस्त होंगे और आपके आक्रामक तेवर देखकर नौ दो ग्यारह हो जाएंगे। उपनिरीक्षक चंद्रकांत पांडेय ने कहा कि पुलिस को मित्र समझें, अपना समझें और वास्तविक जानकारी दें। पुलिस हर कदम पर आप की सुरक्षा को तत्पर है। कार्यक्रम में फुटहिया चौकी इंचार्ज दिनेश चंद्र मिश्र, एसआई रानी पांडेय समेत विद्यालय के शिक्षक और कर्मचारी भी मौजूद रहे। इस दौरान 325 छात्राओं ने शपथपत्र भरकर अपराजिता मुहिम का समर्थन किया।
अब अबला नहीं हैं महिलाएं : डॉ. वीके वर्मा
कॉलेज के प्रबंधक डॉ. वीके वर्मा ने कहा कि महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पुरुषों से पीछे नहीं हैं। बॉर्डर से लेकर अंतरिक्ष तक व हर ऐसे क्षेत्र में मौजूदगी जता रही हैं जिसमें पुरुषों को आधिपत्य था। राजनीति में प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति तक का पद धारण कर अपनी क्षमता का परिचय दिया है। नारी अब अबला नहीं बल्कि सबला है। विद्यालय के निदेशक डॉ. आलोक रंजन और प्रधानाचार्य सविता श्रीवास्तव ने महिलाओं के शौर्य का परिचय कराया।
कार्यक्रम में मिली बृहद जानकारी : आकांक्षा
गौतम बुद्ध मुराली देवी बालिका इंटर कॉलेज में कक्षा 12 की छात्रा आकांक्षा का कहना था कि विद्यालय में पहली बार ऐसा हुआ कि पाठ्यक्रम से हटकर व्यवहारिक जानकारी दी गई। इसके लिए अमर उजाला की जितनी सराहना की जाए कम है। छात्राओं के लिए यह अलग तरीके का ही कार्यक्रम है।
ग्रामीण स्कूलों में हो आयोजन : वंदना
विद्यालय में कक्षा 12 में पढ़ने वाली आकांक्षा का कहना है कि महिला सुरक्षा विषयक संगोष्ठी जैसे कार्यक्रम जिससे लड़कियों का मनोबल बढ़े समय समय पर होते रहना चाहिए। ऐसे कार्यक्रमों में अभिभावकों को भी बुलाना चाहिए इससे छात्राओें की हिम्मत बढ़ती है। वरना घर में ही दबा दी जाती है।
लड़कियों को आगे आना होगा : रिंकी गुप्ता
नगर थाने के महिला उपनिरीक्षक रिंकी गुप्ता ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए हेल्पलाइन है। जरूरत है कि उसका उपयोग करें। जब तक उत्पीड़न की जानकारी पीड़ित नहीं देगी तब तक पुलिस भी कुछ नहीं कर सकती। ऐसे में 1090 और डायल 112 का प्रयोग जरूर करें। दूसरे अपनी बात नजदीकी का जरूर बताएं।
अपराजिता से आएगी जागरूकता : रानी पांडेय
पुलिस उपनिरीक्षक रानी पांडेय का कहना है कि ऐसे कार्यक्रमों का फायदा निश्चित ही होता है। संकोच में महिलाएं या लड़कियां सही बात भी नहीं बता पाती हैं। जब महिलाएं जागरूक होंगी तो सूचनाएं भी समय समय पर मिलेगी। जन जागरूकता में ऐसे कार्यक्रमों के लिए अमर उजाला को मैं धन्यवाद देना चाहूंगी।