कप्तानगंज के एकटकवा गाँव में राज कपूर निषाद का शव पहुंचने पर रोते विलखते परिजन।
चचेरे भाई बबलू पर दोस्तों संग मिलकर हत्या करने का आरोप
कप्तानगंज क्षेत्र के एकटेकवा निवासी राज कपूर की दिल्ली में हुई थी हत्या
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज/टिनिच (बस्ती)। कप्तानगंज क्षेत्र के एकटेकवा निवासी राज कपूर का शव मंगलवार को दिल्ली से घर लाया गया। शव देखते ही घर पर जुटे रिश्तेदारों व परिजनों में कोहराम मच गया। रविवार शाम को दिल्ली में मामूली विवाद के बाद गांव के ही साथ रहने वाले दोस्तों ने चाकू घोंपकर राज कपूर की हत्या कर दी थी। दो हत्यारोपी दिल्ली में ही गिरफ्तार कर लिए गए थे। तीसरे की तलाश में दिल्ली पुलिस सोमवार को एकटेकवा पहुंची थी। मामले में फरार बबलू की तलाश में दिल्ली पुलिस जाल बिछाए हुए है।
कप्तानगंज थाना क्षेत्र के एकटेकवा गांव निवासी राजकपूर पुत्र स्व. रामजी दिल्ली के मायापुरी में रहकर काम करता था। उसके साथ में गांव के प्रहलाद, बबलू और अयोध्या जिले के किशन रहते थे। रविवार की शाम को किसी बात पर कहासुनी हो गई। इसके बाद विवाद बढ़ा तीनों ने मिलकर चाकू से राजकपूर पर हमला कर दिया और उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद तीनों मौके से फरार हो गए। मायापुरी पुलिस ने किशन और प्रहलाद को गिरफ्तार कर लिया है।
राज कपूर का चचेरा भाई बबलू तभी से फरार है। पोस्टमार्टम के बाद मंगलवार की सुबह एंबुलेंंस से जब राजकपूर का शव गांव लाया गया तो कोहराम मच गया। उसके शव से लिपटकर परिवार के लोग रोने लगे। परिजनों को चीख-पुकार से पूरा गांव गमगीन हो गया। चार साल पहले उसके पिता रामजी की हार्ट अटैक से मौत हो गई थी। उसका छोटा भाई अरुण अभी पढ़ाई कर रहा है। राजकपूर की दो वर्ष पूर्व शादी हुई थी। पत्नी नंदिनी व पांच माह का बेटा है। घटना से पत्नी मां और भाई सहित सभी का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों ने पुलिस की सुरक्षा के बीच शव का गांव के बगल के घाट पर अंतिम संस्कार किया।
राजकपूर से जलते थे बबलू और प्रह्लाद
एकटेकवा गांव के रहने वाले राजकपूर बहुत मेहनती और ईमानदार था। अपनी ईमानदारी के बल पर वह कंपनी के सेठ का करीबी बन गया था। इससे बबलू और प्रह्लाद जलते थे। इसकी चर्चा पूरे क्षेत्र में हो रही है।