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प्रदेश भर में सर्वाधिक बारिश बस्ती जिले में

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प्रदेश भर में सर्वाधिक बारिश बस्ती जिले में
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एक दशक बाद औसत से 162.5 प्रतिशत अधिक हुई वर्षा, गोरखपुर छठे स्थान पर
चित्रकूट दूसरे व सिद्धार्थनगर तीसरे स्थान पर, अल-नीनो व ला-लीनो फैक्टर ने किया काम
विकास पाठक
बस्ती। चालू मानसून में अभी तक सर्वाधिक बारिश बस्ती जिले में रिकॉर्ड की गई। प्रदेश के 75 जिलों में बस्ती एकमात्र ऐसा जिला है जहां 162.5 प्रतिशत बारिश हुई। चित्रकूट में 149.4 प्रतिशत व अंबेडकरनगर जिले में 147.2 फीसदी वर्षा दर्ज की गई। वहीं, सिद्धार्थनगर में 127.8, बाराबंकी में 127 व गोरखपुर में 126 प्रतिशत ही बारिश रिकॉर्ड की गई है। जिले में औसत बारिश का मानक 1061 मिमी निर्धारित है।
जानकारी के मुताबिक करीब एक दशक बाद इतनी अधिक बारिश हुई है जो भूगर्भ जलस्तर को भी मजबूत करने का काम किया है। बारिश के कारण ही धान की खेती में लागत कम आई और फसल भी बेहतरीन बताई जा रही है। लेकिन बारिश बागवानी के लिए नुकसानदायक साबित हुई है। अधिक बारिश से सब्जियों व फलों की बागवानी प्रभावित हुई है।
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खेती में लंबे समय तक मिलेगा फायदा
जिला कृषि अधिकारी संजेश कुमार श्रीवास्तव बताते हैं कि औसत बारिश से 162.3 प्रतिशत अधिक वर्षा खेती में लंबे समय तक फायदा देगी। जलस्तर बढ़ने से किसानों की निजी बोरिंग खराब नहीं होगी। मृदा में नमी बढ़ने से तमाम झाड़िया उगेंगी और सड़ेंगी, जो मिट्टी में कार्बन व सूक्ष्म पोषक तत्वों को बढ़ाने में मदद करेंगी। बताते हैं कि अधिक बारिश से मिट्टी में सुधार आएगा और आगामी सीजन की फसलों में रिकॉर्ड उत्पादन प्राप्त किया जाएगा।
अल-नीनो व ला-लीनो फैक्टर ने किया काम
आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यायल कुमारगंज आयोध्या के मौसम विज्ञानी डॉ. अमरनाथ मिश्रा ने बताया कि औसत से अधिक बारिश होने के पीछे इस बार तीन फैक्टर काम किए। पहला प्रशांत महासागर की सतह से उठने वाली गरम जलधारा अल-नीनो का ठंडी होकर ला-लीनो में बदल जाना, दूसरा बंगाल की खाड़ी से चलने वाली नम हवाओं का हिमालय से टकराकर मैदानी क्षेत्रों की ओर मुड़ना, तीसरा व सबसे महत्वपूर्ण फैक्टर लॉकडाउन है जिसकी वजह से प्रदूषण कम हुआ और पर्यावरण में संतुलन आया। इसका असर मानसून पर भी पड़ा। बताते हैं कि तीनों फैक्टर एक साथ काम किए और जिले में करीब एक दशक बाद रिकॉर्ड बारिश हुई।
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क्या होता है अलनीनो व ला-लीनो
प्रशांत महासागर में समुद्र की सतह का तापमान बढ़ने को अलनीनो कहते हैं। ला-नीना की स्थिति पैदा होने पर भूमध्य रेखा के आसपास प्रशांत महासागर के पूर्वी व मध्य भाग में समुद्री सतह का तापमान असामान्य रूप से ठंडा हो जाता है। मौसम विज्ञानी इसे ‘कोल्ड इवेंट’ भी कहते हैं। अलनीनो व ला-लीनो के कारण देश के पश्चिमी तट और मध्य भागों में अच्छी बारिश होती है।
गोरखपुर प्रदेश में छठे स्थान पर
जिला औसत बारिश (मिमी में) कुल बारिश (मिमी में)
बस्ती 1061 1724
चित्रकूट 822.6 1229.3
अंबेडकरनगर 858.5 1264.0
सिद्धार्थनगर 1061.2 1356.4
बाराबंकी 849.4 1078.6
गोरखपुर 1140.2 1442.6
2012 से अब तक हुई बारिश (मिमी)
साल बारिश
2012 1008.5
2013 1373.6
2014 928.5
2015 685.9
2016 878.4
2017 908.7
2018 701.1
2019 1061
2020 1724
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