संवाद न्यूज एजेंसी कप्तानगंज (बस्ती)। बस्ती-अयोध्या राष्ट्रीय राजमार्ग (फोरलेन) पर आए दिन हो रही सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने नई पहल शुरू की है। प्राधिकरण ने डेंजर जोन माने जाने वाले स्थानों पर डिवाइडर के दोनों तरफ रेलिंग लगाने का कार्य प्रारंभ कर दिया है। रेलिंग लगने के बाद दुर्घटनाओं की संभावना में कमी आने की उम्मीद है।
अक्सर देखा गया है कि तेज रफ्तार वाहन चालक डिवाइडर पार कर विपरीत लेन में चले जाते हैं या फिर लोग बीच सड़क से होकर पार करने की कोशिश करते हैं, जिससे गंभीर हादसे घटित होते हैं। कई बार वाहन डिवाइडर से टकराकर पलट जाते हैं या सामने से आ रहे वाहनों से भिड़ जाते हैं।
रेलिंग लगने के बाद न केवल वाहन डिवाइडर पार नहीं कर पाएंगे, बल्कि लोग भी निर्धारित स्थानों से ही सड़क पार करेंगे। इससे दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण संभव होगा।
एनएचएआई ने बस्ती-अयोध्या फोरलेन के 35 से अधिक डेंजर जोन (ब्लैक स्पॉट) की पहचान की है। इनमें से फिलहाल 19 प्रमुख स्थानों कांटे, कसरोल, नेदुला, खजौला, मीरगंज, परसा जाफर, हड़िया, अमहटघाट, फुटहिया, रिठिया, तिलकपुर, कप्तानगंज, ककुआ राउत, महाराजगंज, संसारीपुर, चौकड़ी, खतमसराय, विक्रमजोत और पचवस पर रेलिंग लगाने का कार्य तेजी से जारी है। एनएचएआई के सहायक प्रोजेक्ट मैनेजर अभय सिंह ने बताया कि सभी चिन्हित डेंजर जोन पर जल्द ही रेलिंग लगाने का कार्य पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि फोरलेन के जिन स्थानों पर हादसे बार-बार हो रहे थे, वहां पहले चरण में रेलिंग लगाई जा रही है। शेष स्थानों की सूची मुख्यालय को भेजी गई है। स्वीकृति मिलते ही वहां भी कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि कुछ स्थानों पर स्थानीय लोग सड़क पार करने के लिए डिवाइडर तोड़ देते हैं, जिससे दुर्घटनाओं की संभावना और बढ़ जाती है। ऐसे बिंदुओं की निगरानी के लिए भी विशेष टीम गठित की जा रही है। रेलिंग लगाने के बाद डिवाइडर तोड़ने की घटनाओं पर भी रोक लगेगी।
स्थानीय लोगों ने एनएचएआई की इस पहल का स्वागत किया है। उनका कहना है कि यदि रेलिंग मजबूत और टिकाऊ बनाई जाती है, तो सड़क दुर्घटनाओं में निश्चित तौर पर कमी आएगी। कई स्थानों पर पहले भी हादसों में लोगों की जानें जा चुकी हैं।