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रेडियोलॉजिस्ट की कमी, जिला और महिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड बंद

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रेडियोलॉजिस्ट की कमी, जिला और महिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड बंद
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बस्ती। जरूरत के मुताबिक विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी से लोगों को बेहतर इलाज की सुविधा नहीं मिल पा रही है। जिले में मेडिकल कॉलेज सहित तीन सरकारी अस्पताल हैं, जहां कई संसाधन हैं। उनमें से एक है अल्ट्रासाउंड। तीन स्थान पर अल्ट्रासाउंड उपकरण हैं, मगर जिला अस्पताल और महिला अस्पताल में यह केंद्र बंद है।
जिला अस्पताल में तो ओपेक चिकित्सालय कैली की रेडियोलॉजिस्ट दो दिन आती जरूर हैं, मगर वह केवल मेडिकोलीगल के केस को देखती हैं। महिला अस्पताल में तो 2018 से ही सेंटर पर ताला लटक रहा है। बात शुरू करते हैं महिला अस्पताल से। यहां हर गर्भवती और अन्य महिलाएं इलाज के लिए आती हैं। उनमें से सौ के करीब को इलाज करने के बाद चिकित्सक अल्ट्रासाउंड का सुझाव देते हैं, मगर यह अल्ट्रासाउंड कराने की व्यवस्था अस्पताल में नहीं है। इस नाते मरीज बाहर निजी अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर अपनी जांच कराते हैं। इसी प्रकार जिला अस्पताल का भी हाल है। यहां भी मरीज मजबूरन बाहर का ही सहारा लेते हैं, जहां उन्हें सात सौ रुपये अदा करने होते हैं। इन स्थितियों का लाभ कुछ बिचौलिए उठाते हैं। वे मरीजों को बरगलाकर बाहर कथित अस्पतालों में भर्ती करा देते हैं।
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जिला अस्पताल में डॉक्टर को दिखाने के बाद अल्ट्रासाउंड कराने के लिए पहुंचे शहर के निवासी राधेश्याम ने कहा कि दो दिनों से अस्पताल का चक्कर काट रहे हैं, मगर अब लगता है कि बाहर ही अल्ट्रासाउंड कराना पड़ेगा। इसी प्रकार शहर के दक्षिण दरवाजा निवासी जयशंकर ने कहा कि उनके बेटे के पेट में दिक्कत है। डॉक्टर ने अल्ट्रासाउंड बताया है, मगर सरकारी व्यवस्था में यह संभव नहीं हो पाया है। ऐसे में बाहर से अल्ट्रासाउंड कराकर ले जा रहे हैं। इसमें सात सौ रुपये सेंटर ने जमा कराए थे। महिला अस्पताल में भी ऐसे ही हालात हैं। यहां गर्भवती सुमन ने बताया कि उसे डॉक्टर ने अल्ट्रासाउंड के लिए कहा है, मगर व्यवस्था न होने के कारण उसे बाहर से कराना पड़ा, जिसके एवज में उसे सात सौ रुपये अदा करने पड़े हैं।
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जिला अस्पताल की एसआईसी रोचिष्मति पांडेय ने कहा कि शासन को पत्र लिखा गया है। अस्थायी रूप से ओपेक चिकित्सालय कैली की रेडियोलॉजिस्ट को संबद्ध किया गया है, जो दो दिन यहां आकर मेडिकोलीगल का काम निपटा देती है। इसी प्रकार महिला अस्पताल की सीएमओ डॉ. सुषमा सिन्हा ने कहा कि चिकित्सकों की कमी के चलते यहां रेडियोलॉजिस्ट नहीं हैं। शासन और प्रशासन को पत्र लिखा गया है। उन्होंने पुष्टि की कि सेंटर 2018 से बंद है।
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