विधान सभा निर्वाचन में सोमवार को मतदान हो गया। मतदान को लेेकर जहां प्रत्याशी दिन भर भाग-दौड़ में जुटे रहे वहीं रात को चैन की नींद ली। चुनाव के दौरान बिगड़ गई दिनचर्या को पटरी पर लाने की कोशिश में इन प्रत्याशियों ने की। कोई सुबह छह बजे तो कोई आठ बजे सोकर उठा। घर में चाय-पानी के बाद बाहर निकल कार्यकर्ताओं से मिले। सभी से स्थिति जानी और फिर हार जीत की गणित शुरू हो गई। विभिन्न दलों के प्रत्याशी दिन भर अपने मतदाताओं को धन्यवाद ज्ञापित करने के लिए उनके गांव तक गए। इसके बाद देर रात तक वे अपनों के बीच बीताए।
सदर क्षेत्र से भाजपा के प्रत्याशी दयाराम चौधरी बताते हैं कि वे देर रात तक जागे जरूर, मगर सुबह साढ़े छह बजे वे सोकर उठे। आठ बजे वे बाहर आकर कार्यकर्ताओं के साथ चाय-पानी किया। घंटे भर तक उनके बीच रहने के बाद वे भीतर चले गए और फिर निकले तो सीधे क्षेत्र की ओर कूच कर दिए। दिन भर कार्यकर्ताओं के सुख दुख में शामिल होने के बाद देर रात वे वापस लौटे।
निर्दल प्रत्याशी डॉ. राकेश श्रीवास्तव सुबह छह बजे सोकर उठे। इसके बाद समर्थकों के साथ बैैठ मतदान पर समीक्षा किए। कार्यकर्ताओं से विधान सभा क्षेत्र की समस्याओं पर चर्चा किए और विकास के लिए क्या किया जाए? इस पर भी सुझाव लिए। दिन भर समर्थकों के घर जाकर उन्होंने सहयोग के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया। देर शाम वे बैठक किए और फिर सभी के साथ भोजन किया।
बसपा प्रत्याशी जितेंद्र कुमार उर्फ नंदू चौधरी देर रात तक कार्यकर्ताओं के साथ बूथवार जीत हार की गणित लगाते रहे। सुबह देर से सोकर उठने के बाद तैयार हुए और फिर निकल पड़े क्षेत्र में समर्थकों से मिलने।
सपा व कांग्रेस के साझा प्रत्याशी महेंद्र नाथ यादव भी सोमवार की रात चैन की नींद सोए। सुबह छह बजे उठकर वे तैयार हुए। इसके बाद कार्यकर्ताओं के बीच चले गए। दिन भर वे क्षेत्र के लोगों से मिलते जुलते रहे। शाम को कार्यकर्ताओं की बैठक कर स्थिति की समीक्षा की।
हर्रैैया
सपा व कांग्रेस के साझा उम्मीदवार पूर्व मंत्री राजकिशोर सिंह देर रात अपने पैतृक गांव गंगिया कोहल पहुंचे। यहां वे रात को सकून भरी नींद सोए तथा सुबह सात बजे उठे। घटे भर मे तैयार होकर पूर्व मंत्री समर्थकों के बीच जा पहुंचे। हार जीत पर चर्चा करने के बाद वे गांव में स्थित पार्क में स्वास्थ्य लाभ लिए। इसके बाद क्षेत्र के कार्यकर्ताओं व समर्थकों का आवागमन शुरू हो गया। 11 बजे राजकिशोर क्षेत्र के लिए कूच कर गए। हर दिन की तरह वे दिन भर कार्यकर्ताओं व समर्थकों के बीच रहे। क्षेत्र में तमाम कार्यक्रमों में भागीदारी निभाई।
बसपा उम्मीदवार विपिन शुक्ल बताते हैं कि वे पिछले पांच दिनों से मतदान की उहापोह में सोए ही नहीं। समर्थकों के साथ पूरी पूरी रात बिता दी। सोमवार की देर रात घर पहुंचे और फिर सोए तो सुबह आठ बजे ही उठे। तैयार होने के बाद वे फिर रोज की तरह समर्थकों व कार्यकर्ताओं से मिले और फिर निकल पड़े हर्रैया क्षेत्र की जनता से मिलने। दुबौलिया, विशेषरगंज, छावनी, परशुरामपुर आदि इलाको में आम जन से मिलकर उन्हें सहयोग के लिए धन्यवाद दिया।
भाजपा प्रत्याशी अजय सिंह आज कुछ ज्यादा ही निश्चिंत थे। देर रात सोए जरूर मगर निश्चिंतता के साथ। सुबह सात बजे उठे और कार्यकर्ताओं के बीच पहुंच मतदान की समीक्षा की। देर शाम वे पार्टी की बैठक में भाग लेने मुख्यालय आ गए।
कप्तानगंज-
कांग्रेस व सपा के साझा उम्मीदवार राना कृष्ण किंकर सिंह हर दिन की तरह ही सुबह पांच बजे सोकर उठे। नित्य क्रिया के बाद तैयार हुए और पूजा किया। इसके बाद समर्थकों के साथ बैठ मतदान की समीक्षा की। इसके बाद वे क्षेत्रीय भ्रमण पर निकले, मगर रास्ते से वे लौटकर जिला व महिला चिकित्सालय जा पहुंचे जहां उन्होंने समर्थकों के अलावा सभी जरूरतमंदों से मुलाकात कर मदद पहुंचाई।
भाजपा प्रत्याशी सीपी शुक्ल सोमवार की रात चैन से बिताई। सकून से सोए और सुबह उठकर तैयारी के बाद कार्यकर्ताओं के बीच पहुंच गए। शाम चार बजे से वे पार्टी कार्यालय पर आयोजित बैठक में हिस्सा लेने आ गए।
महादेवा
महादेवा विधान सभा के भाजपा प्रत्याशी रवि सोनकर की रात बेचैनी में बीती। कहते हैं कि मतदान के बाद वे समीक्षा किए तो उसी मे आधी रात बीत गई। इसके बाद वे सोए जरूर मगर सुबह जल्दी उठे और सीधे कार्यकर्ताओं के बीच पहुंच बूथ वार समीक्षा की।
रूधौली विधान सभा
बसपा प्रत्याशी राजेंद्र चौधरी जहां देर रात सोए तो सुबह पांच बजे ही उठ गए। इसके बाद नित्य क्रिया आदि निपटाने के बाद वे घर के बाहर इंतजार कर रहे कार्यकर्ताओं व समर्थकों से मिलकर उनकी कुशलता जारी। बाद में वे क्षेत्र की जनता से मिलने चले गए।