बस्ती। गायघाट क्षेत्र के ब्रह्मबाबा मंदिर परिसर कोरमा में चल रही श्रीमद्भावगत कथा के दूसरे दिन कथा वाचक प्रदीप शास्त्री ने श्रद्धालुओं को बताया कि श्रीराम कथा जीने की कला और भागवत कथा मोक्ष प्रदान करने का काम करती है। भागवत कथा की सार्थकता तभी सिद्ध होती है जब व्यावहारिक जीवन में उतारा जाए। इससे मन और विचारों में शुद्धता आती है। मौके पर यजमान जयकरन ओझा, यज्ञाचार्य रोहित मिश्रा, धर्मेंद्र कुमार चौधरी, धर्मेंद्र पटेल, सुरेंद्र ओझा, आद्या प्रसाद ओझा, ओम प्रकाश ओझा, श्रीराम ओझा, पशुपति ओझा आदि मौजूद रहे। संवाद
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कथा समापन पर भंडारे में श्रद्धालुओं ने ग्रहण किया प्रसाद
बनकटी। देईसाड़ बानपुर मार्ग स्थित पसड़ा शिव मंदिर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा मंगलवार को संपन्न हुई। कथा विश्राम पर हवन पूजन के बाद भंडारे का आयोजन किया गया। भंडारे में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। अयोध्या धाम के कथा व्यास गौरव कृष्ण शास्त्री ने कहा कि हवन-यज्ञ से वातावरण में ऑक्सीजन का संचार बढ़ जाता है। इससे आत्मिक और धार्मिक बल मिलता है। मौके पर कपिल देव त्रिपाठी, मनोज कुमार गुप्ता, शिवेंद्र, नरेंद्र त्रिपाठी, भोलू सिंह, निर्मल यादव, प्रमोद कुमार, संतलाल आदि मौजूद रहे। संवाद