संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश अनन्य न्यायालय विनोद कुमार सप्तम की अदालत ने नाबालिक से दुष्कर्म के दोषी सुरेश निषाद निवासी माझाकिता अव्वल थाना दुबौलिया को सात वर्ष की सजा सुनाई है। 33 हजार रुपये अर्थदंड अदा करने का हुक्म दिया है। अर्थदंड न अदा करने पर दो वर्ष की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी।
अपर फौजदारी शासकीय अधिवक्ता अखिलेश दुबे, वंदना चौधरी, अरविंद पांडेय, अरुण श्रीवास्तव ने अदालत को बताया कि दुबौलिया क्षेत्र के एक गांव के शख्स ने तहरीर देकर कहा कि उसकी 16 वर्षीय बेटी को सुरेश प्रसाद तथा उसके ममेरे भाई रामफल निवासी माझाकिता अव्वल थाना दुबौलिया 20 फरवरी 2015 की सुबह बहला-फुसलाकर भगा ले गए। उसका मूल घर जनपद गोरखपुर में है।
तहरीर में बताया कि विपक्षियों से उसका एक केस न्यायाधीश एफटीसी प्रथम न्यायालय में विचाराधीन है, जिसमें 09 मार्च 2015 को उस लड़की की गवाही नियत है। आरोपी गवाही न देने पाएं, इसलिए अपहरण कर ले गए। पुलिस ने केस दर्ज कर लड़की को खोज निकाला। विवेचना में सुरेश के खिलाफ अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया गया। पीड़िता का बयान, मेडिकल परीक्षण एवं अन्य सबूत के आधार पर अभियुक्त सुरेश को सजा का हुक्म दिया गया।