किराना की दुकान पर रखी दाल व मिर्चा संवाद
बस्ती। दाल, मसाले और खाद्य तेल के दाम बढ़ने से रसोई का बजट बिगड़ गया है। अगस्त की तुलना में सितंबर में रोजमर्रा की कई जरूरी वस्तुओं के दाम बढ़े हैं। लाल मिर्च के भाव में सबसे अधिक 50 रुपये किलो की बढ़ोतरी हुई है। वहीं, सरसों का तेल 20 रुपये किलो और अरहर दाल 15 रुपये किलो तक महंगी हुई है। इससे गृहस्थी का खर्च बढ़ गया है।
महरीखांवा की नेहा ने बताया कि रसोई का सामान खरीदने में हर महीने पहले से अधिक रुपये खर्च हो रहे हैं। सोनी के अनुसार दाल, मसाले और तेल महंगे होने से घरेलू बजट प्रभावित हुआ है। नीलम और प्रभावती ने भी बताया कि जरूरी सामान की कीमतें बढ़ने से दूसरी जरूरतों के लिए कम राशि बच रही है। स्थानीय बाजार में अरहर दाल के दाम में तेजी देखी जा रही है। बिना छिलके वाली नवाब अरहर दाल 115 से बढ़कर 125 रुपये किलो हो गई है।
केशरभोग दाल के भाव 125 से बढ़कर 135 रुपये किलो हो गए हैं। चना दाल 80 से बढ़कर 95 रुपये किलो और छिलका वाली मूंग दाल 130 से बढ़कर 140 रुपये किलो हो गई है। मटर दाल भी 50 से बढ़कर 56 रुपये किलो बिक रही है। काबुली चने के भाव भी बढ़े हैं। पहले अलग-अलग गुणवत्ता का काबुली चना 80 से 110 रुपये किलो तक मिलता था, जो अब 90 से 140 रुपये किलो तक बिक रहा है।
व्यापारियों के मुताबिक अरहर की घरेलू आवक कम होने और थोक बाजार में कीमत बढ़ने का असर खुदरा बाजार पर पड़ा है। कुछ व्यापारियों ने स्टॉक की कमी को भी दाम बढ़ने की वजह बताया। किराना व्यापारी राधेश्याम गुप्ता, विक्की गुप्ता और प्रमोद अग्रहरि ने बताया कि थोक बाजार में कीमतें बढ़ने के बाद खुदरा दुकानदारों को भी बढ़ी दरों पर सामान बेचना पड़ रहा है।
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अगस्त और सितंबर में दाम
सामान
अगस्त
सितंबर
अरहर दाल
110
125
उड़द दाल
100
110
चना
70
80
बेसन
90
110
जीरा
290
320
लाल मिर्च 200
250
हल्दी
200
220
सरसों का तेल
180
200
नोट : रेट स्थानीय बाजार से लिए गए हैं।