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Basti News: चलने के लिए सड़क नहीं, खुला नाला मुहल्लेवासियों के लिए खतरा

Wed, 30 Aug 2023 01:04 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
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बस्ती। बस्ती के शहरियों की दर्द-ए-दास्तां कम नहीं है। मुहल्ले और गलियां चलने लायक नहीं हैं। सफाई व्यवस्था भी लचर है। नागरिक सड़क के लिए तरस रहे हैं। जहां-तहां नाली, पानी, पथ प्रकाश की व्यवस्था भी मयस्सर नहीं है। इसकी गवाही दे रहा है नगर पालिका क्षेत्र का वार्ड-5 पिकौरा शिवगुलाम। जहां दुश्वारियों की भरमार है।
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इस वार्ड की नई आबादी मंगला काॅलोनी की सड़कें टूट चुकी हैं। मालवीय रोड स्थित पेट्रोल पंप के सामने प्रवेश मार्ग खड़ंजे का है। यह जगह-जगह टूटकर गड्ढों में तब्दील हो गया है। काॅलोनी में पांच वर्ष पूर्व बनाई गई इंटरलॉकिंग सड़क भी ऊबड़-खाबड़ हो गई है। आबादी के बीच मुख्य नाला खुला हुआ है। दोनों तरफ झाड़-झंखाड़ उग जाने से यह रात में स्पष्ट दिखता भी नहीं है, जिससे राह चलते लोगों को नाले में गिरने का खतरा बना रहता है। महिलाएं, बच्चे, पुरुष संभलकर किसी तरह मुहल्ले से बाहर आ रहे हैं। यहां नियमित सफाई भी नहीं हो पा रही है। इसके अलावा नई आबादी क्षेत्र में अभी सड़क भी नहीं बनी है।
विजय प्रताप, छोटेलाल, शानू, दीपक मिश्रा आदि लोगों को कीचड़ युक्त कच्चे रास्ते पर चलकर आना-जाना पड़ रहा है। इस गली में पथ प्रकाश की व्यवस्था न होने से अंधेरा रहता है। वहीं नाले के दोनों तरफ बनाई गई इंटरलॉकिंग सड़क का अस्तित्व भी समाप्त होने के कगार पर है।
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पिकौरा शिवगुलाम की मुख्य गली चलने लायक नहीं
मंगला महाकाली मंदिर गेट से पिकौरा शिवगुलाम मुहल्ले में जाने वाली सड़क चलने लायक नहीं है। दीनानाथ शुक्ल के मकान के बगल स्थित गली में नाली के ढक्कन टूट चुके हैं। गाड़ी चलने के दौरान यह ढक्कन हिलते नजर आते हैं। लोग किसी तरह टूटे ढक्कनों पर चल रहे हैं। इसके अलावा निषाद टोला में भी काफी समय से सड़कों की मरम्मत नहीं हुई है। इन जगहों पर नियमित सफाई नहीं हो रही है, जिससे जगह-जगह गंदगी का भरमार है।
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दक्षिण दरवाजा, पचपेड़िया की गलिया भी बदहाल
इस वार्ड के दक्षिण दरवाजा और पचपेड़िया की आधा दर्जन सकरी गलियां बदहाल हो चुकी हैं। यहां बनाई गई अधिकांश इंटरलॉकिंग सड़क उखड़कर तितर-बितर हो चुकी है। सकरे रास्ते पर गड्ढों में होकर लोगों को आना-जाना पड़ रहा है। इन सड़कों के बीचोबीच नालियां भी कहीं-कहीं खुली हैं, जिससे बच्चों और महिलाओं को आने-जाने में काफी दिक्कतें हो रही हैं।
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पांच साल से अधिक समय हो गया है, बच्चों की पढ़ाई के लिए मकान बनाकर रह रहे हैं। अभी तक सड़क नहीं बन पाई है। नाली की भी व्यवस्था नहीं है। बारिश के समय अंधेरे में हम लोग कीचड़ से होकर आते-जाते हैं।
-अंजली चौधरी, मंगला काॅलोनी।
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मुहल्ले का रास्ता सकरा है। नाली के ऊपर ढक्कन डालकर सड़क बनाई गई है। लगभग दो साल बीत गए मरम्मत कार्य नहीं हुआ है, जिससे नाली के ढक्कन टूट गए हैं। बच्चे अक्सर खेलने निकलते हैं, उनके गिरने का डर रहता है।
-वंदना शुक्ला, पिकौरा शिवगुलाम।

मालवीय रोड से मंगला काॅलोनी तक महज तीन सौ मीटर सड़क बन जाए तो यहां के नागरिकों को आने-जाने में काफी सुविधा होगी। मगर कोई जिम्मेदार ध्यान नहीं दे रहा है। हम लोग रोजाना इन्हीं दुश्वारियों से जूझ रहे हैं।
-रमेश प्रताप सिंह, मंगला काॅलोनी।

घनी आबादी होने के बाद भी हमारी काॅलोनी में सड़क के किनारे खुला नाला है। इसे ढकने के लिए कोई पहल नहीं की जा रही है, जबकि अक्सर ऑटो, ई-रिक्शा अनियंत्रित होकर गिर जाते हैं। सफाई नियमित न होने से झाड़-झंखाड़ उग आए हैं।
-विपिन पांडेय, मंगला काॅलोनी।

साल भर से नहीं हुआ निर्माण कार्यों का टेंडर
नगर पालिका धनाभाव में खुद लड़खड़ा गई है। राज्य वित्त आयोग एवं बोर्ड फंड में उपलब्ध बजट से कर्मचारियों का वेतन, पेंशन, डीजल एवं कार्यालय रखरखाव का कार्य ही बमुश्किल से हो पाता है। प्रतिमाह सवा दो करोड़ के खर्च का भार पालिका पर है। अक्सर डीजल का खर्च कम पड़ जाता है। केंद्रीय वित्त आयोग के 15 वें वित्त से विकास कार्य कराने की व्यवस्था है। एक साल से विकास कार्य पर कोई खर्च नहीं हुआ है। वर्तमान में 3.63 करोड़ रुपये उपलब्ध हैं। इसकी कार्य योजना अब तैयार हुई है। टेंडर प्रक्रिया अभी बाकी है। मगर यह धनराशि 25 वार्डों के लिए ऊंट के मुंह जीरा साबित हो रही है।
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पिकौरा शिवगुलाम मुहल्ले के लिए दो सड़कों की मरम्मत कार्य का प्रस्ताव तैयार है। शीघ्र ही निविदा प्रक्रिया पूर्ण कर ली जाएगी। बजट के हिसाब से विकास कार्य कराए जा रहे हैं।
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-दुर्गेश्वर त्रिपाठी, ईओ, नगर पालिका परिषद।
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