प्रदर्शन कर अधिवक्ताओं ने राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन
बस्ती। सिविल बार एसोसिएशन के नेतृत्व में सोमवार को जनपद के अधिवक्ताओं ने खुद को न्यायिक कार्यों से अलग रखा। अधिवक्ताओं ने जनपद न्यायालय के गेट नंबर-दो के सामने खड़े होकर ग्राम न्यायालय के हर्रैया जाने के विरोध में प्रदर्शन कर डीएम के माध्यम से राज्य व केंद्र सरकार, राज्यपाल और राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा।
महामंत्री शिवपूजन मिश्रा के नेतृत्व में अधिवक्ता गेट नंबर दो पर इकट्ठा हुए। विरोध प्रदर्शन के बाद वे कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचे और ज्ञापन दिया। महामंत्री शिवपूजन मिश्रा ने कहा कि ग्राम न्यायालय हर्रैया तहसील में जाने से न्यायिक कार्यों में राजनीतिक हस्तक्षेप बढ़ जाएगा। इससे फरियादियों व पीड़ितों को सही न्याय नहीं मिल पाएगा।
उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय की एक पीठ प्रत्येक राज्य में स्थापित की जाए और उच्च न्यायालय की पीठ हर मंडल पर स्थापित होनी चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं किया जा रहा है। केवल जनपद न्यायालयों को कमजोर किया जा रहा है। जनपद बार एसोसिएशन अध्यक्ष रजनीश कुमार दुबे ने बताया कि न्यायालय में अनेक महत्वपूर्ण कोर्ट में न्यायिक अधिकारियों के पद रिक्त हैं। उन्हें भरने की कोशिश नहीं की जा रही है। ऐसे में ग्राम न्यायालय को तहसील स्तर पर भेजने की कवायद हास्यास्पद लगती है।
इस मौके पर रमेश चंद्र पांडेय, अंगद मिश्रा, देवव्रत उपाध्याय, चंद्र प्रकाश शर्मा, महेंद्र कुमार पांडेय, प्रदीप कुमार चतुर्वेदी, दिलीप सिंह, चंद्रभान पाठक, शिवाकांत पांडेय, आरके पाठक, नीलांबर गुप्ता, अनिल यादव आदि मौजूद रहे।